फोटो : कुलपतिकिसी अधिकारी को बंधक बनाना, जिंदाबाद-मुरदाबाद का नारा लगाना कहीं से भी उचित नहीं ठहराया जा सकता. जब कुलपति सहित सभी पदाधिकारियों के साथ वार्ता के रास्ते छात्रों के लिए हमेशा खुले हैं, तो छात्रों को बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए था. बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए था. वैसे भी आश्वासन के 25 दिन शनिवार को पूरे हुए हैं. इसके लिए परीक्षा बोर्ड की बैठक बुला ली गयी थी. ऐसे में छात्रों को बहकावे में नहीं जाना चाहिए. विवि हमेशा छात्र हित में काम कर रहा है. काम बाधित करने से न केवल छात्रों का काम प्रभावित होता है, बल्कि शिक्षकों व कर्मचारियों का काम भी रुकता है. प्रो रमा शंकर दुबे, कुलपति, टीएमबीयूअपने ही काम पर छात्रों ने फेरा पानीफोटो : प्रतिकुलपतिविश्वविद्यालय प्रशासन को यह मालूम था कि रिजल्ट को लेकर छात्रों को दिये गये आश्वासन के अनुसार शनिवार को 25 दिन पूरा हो जायेगा. इसके लिए सारी तैयारी कर ली गयी थी. इसी कारण परीक्षा बोर्ड की बैठक भी बुलायी गयी थी ताकि छात्र हित में निर्णय लिये जाएं और बीएससी पार्ट टू व बीबीए पार्ट टू के रिजल्ट में छात्रों द्वारा बतायी गयी समस्याओं का समाधान हो सके. एक-दो दिन के अंदर छात्रों को समाधान दिख भी जाता. यही बातें प्रदर्शन कर रहे छात्रों को बताने गया था, लेकिन छात्र उलटे भद्दी-भद्दी बातें करने लगे. यह कहां तक उचित है.प्रो एके राय, प्रतिकुलपति, टीएमबीयू
उचित नहीं अधिकारियों को बंधक बनाना
फोटो : कुलपतिकिसी अधिकारी को बंधक बनाना, जिंदाबाद-मुरदाबाद का नारा लगाना कहीं से भी उचित नहीं ठहराया जा सकता. जब कुलपति सहित सभी पदाधिकारियों के साथ वार्ता के रास्ते छात्रों के लिए हमेशा खुले हैं, तो छात्रों को बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए था. बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए था. वैसे भी आश्वासन के 25 […]
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