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टेली मेडिसिन सेवा अब भी सपना

भागलपुर: जिला के छह सरकारी अस्पतालों में टेली मेडिसिन की सुविधा मरीजों को मिलनी थी. पर अब तक यह सुविधा अस्पतालों में बहाल नहीं हो पायी है. सिर्फ सदर अस्पताल में एक डाटा ऑपरेटर की नियुक्ति की गयी है. इस संबंध में यहां के कर्मचारियों को भी कोई जानकारी नहीं है. 28 अप्रैल को सैंडिस […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 7, 2013 9:05 AM

भागलपुर: जिला के छह सरकारी अस्पतालों में टेली मेडिसिन की सुविधा मरीजों को मिलनी थी. पर अब तक यह सुविधा अस्पतालों में बहाल नहीं हो पायी है. सिर्फ सदर अस्पताल में एक डाटा ऑपरेटर की नियुक्ति की गयी है. इस संबंध में यहां के कर्मचारियों को भी कोई जानकारी नहीं है. 28 अप्रैल को सैंडिस कंपाउंड में चल रहे राज्य स्तरीय स्वास्थ्य महाकुंभ के दो दिवसीय स्वास्थ्य शिविर के समापन मौके पर तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी चौबे ने टेली मेडिसिन सुविधा का उद्घाटन किया था. इसमें राज्य के विभिन्न अस्पतालों में टेली पैथी मेडिसिन के माध्यम से मरीजों का इलाज किया जाना था.

मंत्री ने कहा था कि इस विधि से राज्य के लोगों को अपने जिले या नजदीकी अस्पताल से ही बड़े अस्पतालों के चिकित्सकों की सुविधा मिल जायेगी. फिलहाल यह व्यवस्था राज्य के 79 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं 19 सदर अस्पतालों में की गयी है. राज्य के सभी 531 पीएचसी को जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है. 150 पीएचसी को जून तक इस विधि से जोड़ दिया जायेगा. इसका ट्रायल लखीसराय और पटना में किया गया था.

भागलपुर के सदर अस्पताल, नवगछिया, सुलतानगंज, कहलगांव, पीरपैंती एवं सबौर में यह सेवा शुरू होनी थी. यह सुविधा बीपीएल एवं वाजपेयी आरोग्य श्री (इंश्योरेंस) से जुड़े मरीजों को फ्री में दी जानी है. बाकी मरीजों के लिए एक न्यूनतम राशि स्टेट हेल्थ सोसाइटी तय करेगी. पर अब जब भाजपा जदयू से अलग हो गयी है और चौबे जी स्वास्थ्य मंत्री के पद पर नहीं हैं तो यह योजना अधर में लटकी हुई है.

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