अंगिका अकादमी पर प्रतिक्रिया

अकादमी की स्थापना सीएम की विवशतातिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर अंगिका विभाग के अध्यक्ष डॉ मधुसूदन झा ने कहा कि अंगिका अकादमी की स्थापना की बातें पहले से हो रही है. यहां के लोग, विधायक, सांसद पहले से ही प्रयासरत हैं. विधानसभा चुनाव नजदीक है. चुनाव में इस इलाके का लाभ प्रतिद्वंद्वियों को नहीं मिले, […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 9, 2015 8:04 PM

अकादमी की स्थापना सीएम की विवशतातिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर अंगिका विभाग के अध्यक्ष डॉ मधुसूदन झा ने कहा कि अंगिका अकादमी की स्थापना की बातें पहले से हो रही है. यहां के लोग, विधायक, सांसद पहले से ही प्रयासरत हैं. विधानसभा चुनाव नजदीक है. चुनाव में इस इलाके का लाभ प्रतिद्वंद्वियों को नहीं मिले, इसलिए सीएम ने अंगिका अकादमी की घोषणा की है. लेकिन यह बहुत अच्छा फैसला है. अकादमी की स्थापना हो जायेगी, तो इस भाषा को बहुत लाभ मिलेगा. हमलोग भी इसमें सहयोग करेंगे. प्राइमरी सेक्शन में अंगिका भाषा की पढ़ाई की जरूरत है, जो अंगिका अकादमी की स्थापना के बाद संभव हो सकेगर.काना मामा अच्छा वाली घोषणा हैतिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर अंगिका विभाग के वरीय शिक्षक डॉ बहादुर मिश्र ने कहा कि मुख्यमंत्री अंगिका अकादमी की स्थापना कर दें, तो बेहतर है. लेकिन यह नहीं मामा से काना मामा अच्छा की तरह घोषणा है. वह इसलिए कि अंगिका का पूर्ण विकास तभी हो सकता है, जब इसे आठवीं सूची में शामिल किया जायेगा. अकादमी की स्थापना से बिहार स्तर पर इस भाषा को लाभ मिल सकता है. अकादमी खुलने से लेखन को गति मिलेगी. लेकिन आठवीं सूची में जाने के बाद ही इस भाषा के छात्र यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षा में शामिल हो सकेंगे. अगर सरकार अकादमी से केवल अपने ही लोगों को जोड़ देगी, तो वह अंगिका भाषा का हितकारी नहीं होगा. आज स्नातकोत्तर अंगिका विभाग के पास अपना भवन नहीं है. वर्षों से मांग की जा रही है, लेकिन सरकार पूरी नहीं कर रही.

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