पढ़ाया समानता का पाठ, स्वयंसेवकों को बताया कर्तव्यबोध

मुख्य संवाददाता, भागलपुरतीन दिनों तक समानता का पाठ पढ़ाने व स्वयंसेवकों को कर्तव्य बोध कराने के बाद गुरुवार को सरसंघ चालक मोहन भागवत कार्यकर्ताओं में जोश भर कर चले गये. तीन दिनों के प्रवास में श्री भागवत ने बाल स्वयंसेवक व शाखा विस्तार पर जोर दिया. उनका मुख्य फोकस संगठन के विस्तार, आपसी समानता व […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 17, 2015 1:04 AM

मुख्य संवाददाता, भागलपुरतीन दिनों तक समानता का पाठ पढ़ाने व स्वयंसेवकों को कर्तव्य बोध कराने के बाद गुरुवार को सरसंघ चालक मोहन भागवत कार्यकर्ताओं में जोश भर कर चले गये. तीन दिनों के प्रवास में श्री भागवत ने बाल स्वयंसेवक व शाखा विस्तार पर जोर दिया. उनका मुख्य फोकस संगठन के विस्तार, आपसी समानता व समाज में और अधिक पैठ बढ़ाने पर रहा. उनका कहना था कि बाल स्वयंसेवकों के निर्माण से शाखा का भी विस्तार होगा और समाज को भी नयी दिशा दे मिलेगी. श्री भागवत का कहना था कि एक स्वयंसेवक अपने आप में एक शाखा है. सामाजिक समानता पर भी जोर देते हुए हिंदू जीवन व हिंदू दर्शन की अवधारणा को पूरी तरह अपनाने को कहा. आलू की मनाही, पर खायाअपने प्रवास के दौरान सरसंघ चालक श्री भागवत ने अपने जीवनशैली व कर्म से समानता का कई उदाहरण प्रस्तुत किया. बता दें कि स्वास्थ्य कारणों से उन्हें आलू खाना मना है, पर बुधवार के भोजन में जब सिर्फ उनकी थाली में हरी सब्जी दी गयी, तो उन्होंने मना कर दिया और सबों के साथ आलू की सब्जी खायी. उन्होंने कहा कि समानता तभी आयेगी जब एकरूपता होगी. समाज में पैठबढ़ाने व मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं से कहा कि खुद के चरित्र को दृढ़ करें. चरित्र निर्माण से ही समाज व राष्ट्र का निर्माण होगा. तीन दिनों तक कार्यकर्ताओं में जोश भरने के बाद फिर भागलपुर आने का वादा कर यहां से निकले.

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