उपकारा के अंदर कैसे पहुंचता है मोबाइल
नवगछिया : नवगछिया उपकारा में मंगलवार की रात छापेमारी में दो मोबाइल व एक चाजर्र बरामद होने के मामले को पुलिस व जेल प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए छानबीन शुरू कर दी है. जेल प्रशासन यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि आखिर उपकरा के अंदर मोबाइल कैसे पहुंचता है. जेल अधीक्षक […]
नवगछिया : नवगछिया उपकारा में मंगलवार की रात छापेमारी में दो मोबाइल व एक चाजर्र बरामद होने के मामले को पुलिस व जेल प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए छानबीन शुरू कर दी है. जेल प्रशासन यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि आखिर उपकरा के अंदर मोबाइल कैसे पहुंचता है. जेल अधीक्षक संजीव कुमार ने कहा कि जेल में व्यवस्था शांतिपूर्ण है.
कानून का पालन सख्ती से कराया जा रहा है. दूसरी तरफ नवगछिया पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद हुए दोनों मोबाइल किसके हैं और किन लोगों से जेल से बातचीत की जाती थी. जेल प्रशासन का कहना है कि मोबाइल जेल में लावारिस अवस्था में पाये गये थे. दोनों ही मोबाइल चालू अवस्था में थे. दोनों मोबाइल के सिम अलग्-अलग महिलाओं के नाम से हैं. मोबाइल बरामदगी के मामले में इस मामले में जेलर संतोष पाठक ने नवगछिया थाना में सनहा दर्ज कराया था.
बार-बार बरामद हो रहे मोबाइल : बता दें कि नवगछिया उपकारा में पूर्व में भी कई बार मोबाइल बरामद हो चुके हैं. पिछले वर्ष हुई छापेमारी में आधा दर्जन मोबाइल बरामद किये गये थे. इस वर्ष 21 जनवरी को नवगछिया एसपी शेखर कुमार और एसडीओ ईं अखिलेश कुमार के नेतृत्व में की गयी छापेमारी में पांच मोबाइल और आठ रिचार्ज बरामद किये गये थे. इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं होने से यह जेल के अंदर अवांछित सामग्री धड़ल्ले से पहुंच रही हैं.
सख्ती करने पर आंदोलन को उतारू हो जाते हैं बंदी : जेल प्रशासन द्वारा बरती गयी ढिलाई के कारण ही आज जब सख्ती करने का प्रयास किया जाता है, तो कैदी विरोध प्रदर्शन और अनशन करने लगते हैं. गत मंगलवार को मोबाइल बरामदगी के मामले में गोपालपुर के शातिर अपराधी छोटू यादव और बिहपुर के सोनवर्षा के शातिर रिंकु कुमर को केंद्रीय कारा भागलपुर स्थानांतरित कर दिया गया था.
कहते हैं थानाध्यक्ष : नवगछिया के थानाध्यक्ष रंजन कुमार ने कहा कि दर्ज किये गये सनहा पर पुलिस छानबीन कर रही है. जल्द ही मामले का खुलासा हो जायेगा.