bhagalpur news.साइंस फॉर सोसाइटी ने दो दशक में जिले के 45 बाल वैज्ञानिकों को राष्ट्रीय फलक तक पहुंचाया
देश में हर वर्ष 28 फरवरी को विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति जागरूक करने के लिए राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है.
गौतम वेदपाणि, भागलपुर देश में हर वर्ष 28 फरवरी को विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति जागरूक करने के लिए राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है. भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2025 की थीम है, विकसित भारत के लिए विज्ञान और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व के लिए भारतीय युवाओं को सशक्त बनाना. इस अभियान में जिले की साइंस फॉर सोसाइटी संस्था ने बीते दो दशक के दौरान ग्रामीण एवं शहरी इलाकों के छात्रों के बीच विभिन्न प्रोजेक्ट व प्रयोगों के माध्यम से वैज्ञानिक चेतना का विकास किया है. साथ ही हर वर्ष आयोजित होने वाले राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में बीते 20 वर्षों के दौरान 45 से अधिक छात्र-छात्राओं की भागीदारी करा चुके हैं. हर साल बिहार से राष्ट्रीय आयोजन में राज्य में 30 बाल वैज्ञानिक शामिल होते हैं. इनमें से दो या तीन बाल वैज्ञानिक भागलपुर के होते हैं. जो साइंस फॉर सोसाइटी के नेतृत्व में आगे बढ़ते हैं. पहली बार भागलपुर में कराया बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन साइंस फॉर सोसाइटी के जिला समन्वयक व पूर्व राज्य समन्वयक डॉ पवन किशोर शरण के प्रयास से भागलपुर में पहली बार 2004 में राज्यस्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन हुआ था. सीएमएस स्कूल के रिटायर विज्ञान शिक्षक डॉ पवन ने जिला व राज्य स्तर पर होने वाले विज्ञान कांग्रेस प्रोजेक्ट को तैयार कराने में मुख्य भूमिका निभाई. बताया कि बच्चों को प्रोजेक्ट तैयार करने के दौरान थीम की जानकारी, प्रोजेक्ट की तैयारी के दौरान खोजी प्रवृत्ति व सर्वे के टिप्स देते हैं. विद्यालयों में जाकर प्रोजेक्ट बनाने की दी जानकारी साइंस फॉर सोसाइटी के संयुक्त समन्वयक मनीष कुमार बीते कई वर्षों से विभिन्न विद्यालयों में घूम-घूमकर बाल विज्ञान कांग्रेस में बच्चों को भागीदारी के लिए प्रेरित कर रहे हैं. बीते वर्ष राज्य सरकार की साइंस एक्सप्रेस अभियान में शामिल होकर जिले के विभिन्न स्कूलों में जाकर विज्ञान के विभिन्न आयाम की प्रस्तुति दी. वहीं होनहार छात्रों की पहचान कर उन्हें जिलास्तरीय व राज्यस्तरीय विज्ञान कांग्रेस के लिए तैयार करते हैं. ग्रामीण क्षेत्र के बाल वैज्ञानिकों को दिलाते हैं बेहतर मंच साइंस फॉर सोसाइटी के संयुक्त जिला समन्वयक संजीव कुमार ने इस संस्था के माध्यम से सरकारी व निजी विद्यालय के छात्रों को विज्ञान का प्रोजेक्ट तैयार कराने में अपनी भूमिका निभाई. महात्मा गांधी उच्च विद्यालय सनोखर में विज्ञान के शिक्षक संजीव कुमार भी हर साल बाल विज्ञान कांग्रेस के आयोजन में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं. वहीं ग्रामीण क्षेत्र के बाल वैज्ञानिकों को जिलास्तरीय कार्यक्रम में बेहतर मंच प्रदान कराने में भागीदारी निभाते हैं. वर्कशॉप व कार्यशाला में निभाते हैं रिसोर्स पर्सन की भूमिका साइंस फॉर सोसाइटी के शैक्षणिक समन्वयक डॉ डीएन चौधरी इस समय टीएमबीयू के पीजी जूलॉजी विभाग के प्राध्यापक के पद पर कार्यरत हैं. उन्होंने बीते दो दशक के दौरान गंगा नदी में डॉल्फिन संरक्षण व प्रवासी पक्षी के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. साथ ही साइंस फॉर सोसाइटी के वर्कशॉप के आयोजन में रिसोर्स पर्सन की भूमिका निभाते रहे हैं. इनके अनुभव से कई छात्रों ने प्रोजेक्ट तैयार कर राज्य व देश स्तर पर सफलता पायी.
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