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अरे दूध-रोटी खईतौ रे डकिनियां

अरे दूध-रोटी खईतौ रे डकिनियांश्मशान घाट में देर शाम अघोरियों आगमन शुरूसंवाददाता,भागलपुर. बरारी श्मशान घाट में देर शाम से अघोरियों का आना शुरू हो गया था़ रात होते ही शमशाान के सन्नाटे में सिद्धि के लिए आये अघोरियों के मंत्र भी विचित्र थे. अष्टमी की आधी रात के बाद गंगा तट पर इस तरह का […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 20, 2015 10:18 PM

अरे दूध-रोटी खईतौ रे डकिनियांश्मशान घाट में देर शाम अघोरियों आगमन शुरूसंवाददाता,भागलपुर. बरारी श्मशान घाट में देर शाम से अघोरियों का आना शुरू हो गया था़ रात होते ही शमशाान के सन्नाटे में सिद्धि के लिए आये अघोरियों के मंत्र भी विचित्र थे. अष्टमी की आधी रात के बाद गंगा तट पर इस तरह का दृष्य था. अघोरी लोग काली तोह कालिन माइगे, हरूसु सुमरौ, तोहरागे माय आदि का जाप कर रहे थे. अजीबो गरीब आवाज निकालते औघरदानियोंं का आना जारी था़ स्थानीय लोग भी औघर दानियों को देखने के लिए आये थे, लेकिन उन्हें डर भी लग रहा था़ जो नये आये थे वह काफी डरे थे. विवि के पास भूतनाथ मंदिर के पास तंत्र-मंत्र के साधक अपनी साधना में लीन थे. कोई कुछ नहीं बोल रहा था. जो देखने आये थे वह भी साधना में लीन थे. इस शहर के कई जगहों पर तंत्र-मंत्र का साधना हो रहा था. दूर-दराज से लाेग इस साधना को देखने आये थे़

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