एडमिट कार्ड में गड़बड़ी, 350 छात्र नहीं दे पाये एग्जाम

एडमिट कार्ड में गड़बड़ी, 350 छात्र नहीं दे पाये एग्जामटीएमबीयू में पार्ट वन की परीक्षा सबौर कॉलेज व ताड़र कॉलेज में छात्रों को परीक्षा देने से किया गया वंचितछात्र जिस विषय की परीक्षा देने गये थे, एडमिट कार्ड में उस विषय का नहीं था उल्लेखटीएमबीयू प्रशासन ने लिया निर्णय, परीक्षा नियंत्रक करेंगे मामले की जांचवरीय […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

एडमिट कार्ड में गड़बड़ी, 350 छात्र नहीं दे पाये एग्जामटीएमबीयू में पार्ट वन की परीक्षा सबौर कॉलेज व ताड़र कॉलेज में छात्रों को परीक्षा देने से किया गया वंचितछात्र जिस विषय की परीक्षा देने गये थे, एडमिट कार्ड में उस विषय का नहीं था उल्लेखटीएमबीयू प्रशासन ने लिया निर्णय, परीक्षा नियंत्रक करेंगे मामले की जांचवरीय संवाददाता, भागलपुरतिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय अभी पार्ट वन के छात्रों की परीक्षा आयोजित कर रहा है. इसमें लगभग 350 छात्रों को एडमिट कार्ड में गड़बड़ी के कारण पिछले दो दिनों में दो अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर इन छात्रों को परीक्षा देने से रोक दिया गया था. एक ओर जहां विवि प्रशासन इन छात्रों के एडमिट कार्ड को प्रथम दृष्टया फर्जी बता रहा है, वहीं काॅलेज प्रशासन यह सवाल उठा रहा है कि इसी एडमिट कार्ड के आधार पर जब ऑनर्स पेपर की परीक्षा देने दी गयी, तो सब्सिडियरी पेपर की परीक्षा में एडमिट कार्ड फर्जी कैसे हो गया. हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि एडमिट कार्ड संबंधित कॉलेज या विश्वविद्यालय ने जारी किया था या फिर कहीं से बनवा लिया गया था. विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच की जिम्मेवारी परीक्षा नियंत्रक डॉ अरुण कुमार सिंह को सौंपने का निर्णय लिया है. परीक्षा नियंत्रक फिलहाल छुट्टी पर हैं. दो दिन बाद विवि लौटेंगे और फिर जांच शुरू करेंगे. परीक्षा देने गये, पर विषय का उल्लेख नहींपिछले दो दिनों से पार्ट वन के लगभग 350 छात्र परीक्षा देने से वंचित कर दिये गये. परीक्षा केंद्रों पर उन्हें परीक्षा देने से इसलिए रोक दिया गया कि उनके एडमिट कार्ड में उन विषयों का उल्लेख नहीं था, जिस विषय की परीक्षा देने के लिए छात्र आये थे. सबौर कॉलेज केंद्र पर तो एडमिट कार्ड को फर्जी बता कर छात्रों को परीक्षा केंद्र में घुसने से रोक दिया गया था. क्या है मामलासोमवार 14 दिसंबर को ताड़र कॉलेज के छात्रों की इतिहास (सब्सिडियरी पेपर) की परीक्षा पहली पाली में सबौर कॉलेज में होनी थी. लगभग 200 छात्रों को एडमिट कार्ड को अवैध बताते हुए परीक्षा देने से रोक दिया गया. इस कारण छात्रों ने हंगामा भी किया. हंगामा रोकने के लिए पुलिस को आना पड़ा. वहीं मंगलवार को ताड़र कॉलेज में एसडीएमवाइ कॉलेज के छात्रों की परीक्षा थी. परीक्षा 100 अंकों के आरबी हिंदी विषय की थी और एडमिट कार्ड में 50 अंक का नन हिंदी और 50 अंक का इंगलिश लिखा था. इस कारण लगभग 150 छात्रों को परीक्षा नहीं देने दिया गया. प्रथम दृष्टया बहुत सारे एडमिट कार्ड हैं फर्जी अगर एडमिट कार्ड फेक (फर्जी) नहीं होता, तो केंद्राधीक्षक परीक्षा देने से रोकते ही नहीं. बहुत सारे एडमिट कार्ड प्रथम दृष्टया फेक मालूम पड़ रहे हैं. जांच के बाद इसका खुलासा हो पायेगा. एडमिट कार्ड कॉलेज बना कर देता है और विवि उसकाे वेरिफाई करता है. इस बार सरकार द्वारा निर्धारित सीट के अनुसार ही कॉलेज को एडमिट कार्ड जारी किया गया है. जिन कॉलेजों ने निर्धारित सीट से अधिक एडमिट कार्ड तैयार कर भेजा था, उसमें सीट से अतिरिक्त एडमिट कार्ड को रोक दिया गया था. परीक्षा केंद्र को हमलोग रॉल सीट भेजते हैं. रॉल सीट के अनुसार ही केंद्राधीक्षक संबंधित परीक्षार्थी को परीक्षा देने की इजाजत देते हैं. परीक्षा नियंत्रक डॉ अरुण कुमार सिंह को जांच की जिम्मेवारी सौंपी जायेगी. वह दो दिन बाद विवि आयेंगे, फिर जांच शुरू होगी. जांच में जो दोषी पाये जायेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. प्रो एके राय, प्रतिकुलपति, टीएमबीयूआॅनर्स की परीक्षा दी, तो सब्सिडियरी में एडमिट कार्ड फर्जी कैसेऑनर्स में इन छात्रों ने परीक्षा दे दी है, तो सब्सिडियरी में फर्जी कैसे हो सकता है. छात्रों के निर्धारित सीट पर ही एडमिट कार्ड बनवाये गये हैं. इसके अतिरिक्त कुछ छात्रों का विवि द्वारा वेरिफाइ कर जो एडमिट कार्ड विद्यार्थी के पास आया है उसमें विषय परिवर्तन मिला. हमलोग निर्धारित सीट से ज्यादा नामांकन नहीं लेते हैं. हमारे यहां के 50-55 विद्यार्थी की ही परीक्षा सबौर कॉलेज केंद्र पर छूटी है. इसमें कॉलेज की कोई गलती नहीं है. हमारे ताड़र कॉलेज केंद्र पर एसडीएमवाइ के छात्रों का भी एडमिट कार्ड में विषय परिवर्तित था. हमारी मांग है कि छात्रों को परीक्षा देने दिया जाये. एडमिट कार्ड बनाने की प्रक्रिया बदले, इसे ऑनलाइन किया जाये.डॉ प्रदीप कुमार सिंह, प्राचार्य, ताड़र कॉलेज

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