शहर के सभी मार्गों पर रविवार को कांवरियों की चहल-पहल रही. सुबह से ही चारों तरफ केसरिया व उजले परिधानों में कांवरिया दिखने लगे थे. ज्यों-ज्यों शाम होती गयी, कांवरियों की संख्या बढ़ती गयी और 70 हजार से अधिक कांवरियों ने सावन की तीसरी सोमवारी के लिए रविवार को शहर के विभिन्न गंगा घाटों पर डुबकी लगायी और जल भरा. हनुमान घाट, एसएम कॉलेज सीढ़ी घाट, बरारी सीढ़ी घाट, बरारी पुल घाट पर सुबह से ही डाक बम व बोलबम की भीड़ लगनी शुरू हो गयी. शहर का कांवरिया पथ एसएम कॉलेज से भोलानाथ पुल पथ, हनुमान घाट व बरारी घाट से तिलकामांझी पथ पर दिनभर शिवभक्तों की भीड़ रही, जो देर रात तक जारी रहा. डाक बम सोमवार को बासुकीनाथ समेत अन्य बाबा भोलेनाथ के मंदिर में जलाभिषेक करेंगे.
डाक बम के लिए जल भरने वाले जामताड़ा के प्रसादी सोरेन ने बताया कि वह हर वर्ष डाक बम बन बासुकीनाथ जाते हैं. इस बार वह तीसरी सोमवारी को भगवान शंकर को जल चढ़ायेंगे. लिट्टीपाड़ा के अंजनी भगत ने बताया कि हर सोमवारी को बासुकीनाथ में भगवान शंकर का जलाभिषेक करते हैं. यह सिलसिला लगभग 20 वर्षों से चल रहा है. बांका धौरेया के अमित सिंह ने बताया कि सावन के हर रविवार को भागलपुर में जल भरते हैं और सोमवार को ज्येष्ठोर नाथ मंदिर में जलाभिषेक करते हैं. हंसडीहा के कांता टुडू ने बताया कि चार वर्षों से सावन में डाक बम जा रहे हैं. मनोकामना पूरी होने पर यह कबूलती है. इसके अलावा कांवरियों ने स्थानीय गोनू धाम, भय हरण बाबा, ज्येष्ठोर नाथ बाबा मंदिर में भी जल चढ़ाने के लिए जल भरा.
बॉक्स मैटररविवार को मुंदीचक हो या भोलानाथ पुल के आगे बौंसी रेल लाइन के पास कीचड़मय सड़क से होकर कांवरियाें को गुजरना पड़ा. दिनभर कांवरियों का जत्था कीचड़ होकर गुजरता रहा, लेकिन नगर निगम प्रशासन ने इस ओर ध्यान देना सही नहीं समझा. इसी तरह कचहरी चौक समीप नगर विधायक आवास के आगे उबड़-खाबड़ सड़क पर कांवरियों को चलना पड़ा. हालांकि, नगर निगम की ओर से शहर के सभी घाटों पर व्यवस्था में सुधार की गयी थी. बैरिकेडिंग की व्यवस्था हो या महिलाओं के कपड़ा बदलने की व्यवस्था. इसके अलावा नवनिर्मित बरारी पुल घाट पर एसडीआरएफ के जवान मोटरबोट के साथ तैनात दिखे.
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