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रैगिंग की एआइसीटीइ से शिकायत, कॉलेज पहुंची टीम

रैगिंग की एआइसीटीइ से शिकायत, कॉलेज पहुंची टीमइंजीनियरिंग कॉलेज :- एआइसीटीइ की टीम ने परिसर, होस्टल का किया निरीक्षण-छात्रों से पूछा – सीनियर्स रैगिंग तो नहीं करते-शिक्षकों से सवाल – मेन गेट पर एंटी रैगिंग का बोर्ड क्यों नहीं फोटो : सुरेंद्रवरीय संवाददाता, भागलपुरभागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में कभी रैगिंग होने की किसी ने एआइसीटीइ (अखिल […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 11, 2016 8:25 PM

रैगिंग की एआइसीटीइ से शिकायत, कॉलेज पहुंची टीमइंजीनियरिंग कॉलेज :- एआइसीटीइ की टीम ने परिसर, होस्टल का किया निरीक्षण-छात्रों से पूछा – सीनियर्स रैगिंग तो नहीं करते-शिक्षकों से सवाल – मेन गेट पर एंटी रैगिंग का बोर्ड क्यों नहीं फोटो : सुरेंद्रवरीय संवाददाता, भागलपुरभागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में कभी रैगिंग होने की किसी ने एआइसीटीइ (अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद) से शिकायत की थी. इस कारण परिषद ने सोमवार को दो सदस्यीय टीम को इंजीनियरिंग कॉलेज भेजा. टीम के सदस्यों ने प्राचार्य के साथ-साथ कॉलेज के एंटी रैगिंग सेल के सदस्यों, छात्रों व शिक्षकों से भी बात की. तकरीबन तीन घंटे तक टीम ने कॉलेज परिसर व होस्टल का मुआयना किया. टीम में वरीय सदस्य आइआइएम कोलकाता के प्रो रंजन घोष शामिल थे. प्राचार्य से उनके चैंबर में टीम के सदस्यों ने बातचीत की. इस दौरान कॉलेज के एंटी रैगिंग सेल के सदस्य, जल संसाधन विभाग के पदाधिकारी आदि मौजूद थे. प्राचार्य ने टीम के सदस्यों को कहा कि सामाजिक परिवेश खराब हो गया है. फर्स्ट इयर के छात्र शोषित होते हैं, तो शिकायत करते हैं. पिछले दिनों उन्हीं के आवास में छात्रों ने तोड़फोड़ कर दी. एफआइआर कर दिया, तो छात्र कहते हैं कि पहले ऐसा नहीं होता था. अब ऐसा क्यों हो रहा है. टीम ने कॉलेज के एंटी रैगिंग सेल से एक वर्ष में की गयी कार्रवाई, बैठक, विभिन्न गतिविधि की पूर्व से तैयार फाइल ली. उनमें कई बैठकों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की. टीम के सदस्यों ने आमलोगों से भी पूछा कि यहां रैगिंग की क्या स्थिति है. कुछ लोगों ने कहा कि यहां का माहौल काफी बिगड़ा हुआ है. इसके बाद टीम के सदस्य परिसर का मुआयना करने निकले. विभिन्न स्थानों पर रैगिंग पर रोक लगाने के बाबत लगे बोर्ड को देखा. फिर सवाल किया कि आखिर मेन गेट पर एंटी रैगिंग का बोर्ड क्यों नहीं है. इस पर एक शिक्षक ने कहा कि मेन गेट पर भी बोर्ड लगा दिया जायेगा. इसके बाद टीम होस्टल नंबर टू पहुंची. मेस में दोपहर का भोजन कर रहे छात्रों से बातचीत की गयी. फिर होस्टल के हॉल में सेकेंड इयर के छात्रों से बातचीत की गयी. इस दौरान कॉलेज के शिक्षकों, कर्मचारियों व पत्रकारों को अंदर आने से मना कर दिया गया. छात्रों ने टीम को कॉलेज के हालात से वाकिफ कराया.

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