फरवरी में आ सकती है एमसीआइ टीम

प्राचार्य ने 19 जनवरी को स्वास्थ्य मंत्रालय में फैकल्टी व इन्फ्रास्ट्रक्चर को लेकर सौंपी थी रिपोर्ट प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरीSpies In Mauryan Dynasty : मौर्य काल से ही चल रही है ‘रेकी’ की परंपरा, आज हो तो देश में मच जाता है बवालRajiv Gauba : पटना के सरकारी स्कूल से राजीव गौबा ने की […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 24, 2016 4:15 AM

प्राचार्य ने 19 जनवरी को स्वास्थ्य मंत्रालय में फैकल्टी व इन्फ्रास्ट्रक्चर को लेकर सौंपी थी रिपोर्ट

एमसीआइ ने जेएलएनएमसीएच में एमबीबीएस सीटों को 100 से घटाकर 50 करने की सिफारिश की है
एमसीआई टीम संतुष्ट नहीं हुई तो जेएलएनएमसीएच में एमबीबीएस की घट सकती है 50 सीटें
भागलपुर : जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल अधीक्षक डॉ आरसी मंडल ने बताया कि फरवरी के प्रथम सप्ताह में एक बार फिर एमसीआइ यानी भारतीय चिकित्सा परिषद की टीम अस्पताल व कॉलेज जांच के लिए आ सकती है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने मेडिकल कॉलेज प्राचार्य से फैकल्टी व इन्फ्रास्ट्रक्चर के बारे में अपडेट रिपोर्ट मांगी थी.
मेडिकल कॉलेज अस्पताल की फैकल्टी व इन्फ्रास्ट्रक्चर की पूरी अपडेट रिपोर्ट 19 जनवरी को स्वास्थ्य मंत्रालय, दिल्ली को सौंप दी गयी है. इसी रिपोर्ट को एक बार फिर से जांचने के लिए एमसीआई की टीम जेएलएनएमसीएच आ सकती है. मालूम हो कि भारतीय चिकित्सा परिषद की टीम ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को सिफारिश की थी कि जेएलएनएमसीएच में एमबीबीएस का नामांकन 100 सीटों की जगह 50 सीटें कर दी जाये,
क्याेंकि 100 सीटों के हिसाब से कॉलेज में फैकल्टी व इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध नहीं है. मालूम हो कि मेडिकल कॉलेज में काफी संख्या में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर का पद खाली है, जिस कारण मेडिकल की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है. बता दें कि सालों से असिस्टेंट प्रोफेसर को प्रोन्नति देकर एसोसिएट प्रोफेसर नहीं बनाया गया है और न ही एसोसिएट प्रोफेसर को प्रोफेसर पद पर ही प्रोन्नति दी गयी है.

Next Article

Exit mobile version