पैसे के लेनदेन में कार लेकर भागा, फिर वापस किया
डहरपुर गोराडीह के अब्दुल राजिक और बरहपुरा के परवेज कौसर के बीच हुआ था पैसे का लेनदेनप्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरीSpies In Mauryan Dynasty : मौर्य काल से ही चल रही है ‘रेकी’ की परंपरा, आज हो तो देश में मच जाता है बवालRajiv Gauba : पटना के सरकारी स्कूल से राजीव गौबा ने की […]
डहरपुर गोराडीह के अब्दुल राजिक और बरहपुरा के परवेज कौसर के बीच हुआ था पैसे का लेनदेन
परवेज ने अब्दुल को साढ़े चार लाख रुपये दिये थे, अब्दुल पर समय से पैसे नहीं लौटाने का लगाया आरोप
भागलपुर : तिलकामांझी थाना क्षेत्र के शीला भवन के पास कार के ड्राइवर की कनपटी में पिस्तौल सटाया. कार को कब्जे में लिया. कार सहित ड्राइवर को जीराेमाइल एलआइसी बिल्डिंग के बगल वाले मकान में रखा. पुलिस को पता चला. अपराधी डर गये. उन्होंने कार को तिलकामांझी थाना क्षेत्र स्थित विक्रमशिला कॉलोनी के पास खड़ी की और भाग गये. कुछ ऐसा ही हुआ शनिवार को दोपहर में. बाद में पता चला कि पैसे के लेनदेन को लेकर ऐसा हुआ था. दोनों पक्ष तिलकामांझी थाना पहुंचे.
समय पर पैसे वापस नहीं किये तो गाड़ी कब्जे में लिया था. सिटी डीएसपी शहरयार अख्तर और तिलकामांझी थाना प्रभारी राेहित सिंह ने पूछताछ की तो पता चला कि गोराडीह थाना क्षेत्र के डहरपुर निवासी अब्दुल राजिक ने 11 सितंबर 2015 को हुसैन मुहल्ला बरहपुरा इशाकचक के परवेज कौसर से साढ़े चार लाख रुपये लिये थे. स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर कर अब्दुल ने 11 नवंबर को पैसे वापस करने की बात कही थी. अब्दुल ने मौखिक रूप से पुलिस को बताया कि उसने कौसर को दो लाख रुपये वापस लौटा दिये हैं,
पर उसने इसका कोई साक्ष्य होने से इंकार किया. परवेज कौसर का कहना है कि समय पर पैसे वापस नहीं करने की स्थिति में उसने अब्दुल की कार अपने कब्जे में लिया था. परवेज कौसर ने चाबी के साथ कार पुलिस तक पहुंचाया.
कार किसकी है इस पर सवाल उठ रहे. अब्दुल राजिक ने यह तो कहा कि कार उसकी है पर उसके पास कोई भी कागजात ऐसा नहीं मिला जिससे यह पता चल सके कि कार उसकी है. अब्दुल ने बताया कि लगभग दो महीने पहले उसने सदरुद्दीनचक निवासी आफताब से कार खरीदी थी. पर जो कागजात उसके पास थे उसमें राजदीप बासु का नाम लिखा हुआ था. अब्दुल का कहना है कि आफताब ने राजदीप से कार खरीदी थी.