जल्द स्वजातीय सम्मेलन बुलानेवाले हैं अजीत शर्मा

भागलपुर : अपने हाल के विवादित बयान को लेकर जदयू से निलंबित गोपालपुर के विधायक गोपाल मंडल अपने निलंबन वापसी के लिए रविवार को हाइकमान से मिलने पटना पहुंच गये हैं. वे सोमवार को ही सबसे पहले जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह से मिलेंगे. समय लेकर सीएम नीतीश कुमार से भी मिलेंगे.प्रभात खबर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 28, 2016 5:31 AM

भागलपुर : अपने हाल के विवादित बयान को लेकर जदयू से निलंबित गोपालपुर के विधायक गोपाल मंडल अपने निलंबन वापसी के लिए रविवार को हाइकमान से मिलने पटना पहुंच गये हैं. वे सोमवार को ही सबसे पहले जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह से मिलेंगे. समय लेकर सीएम नीतीश कुमार से भी मिलेंगे.

जल्द स्वजातीय सम्मेलन…
अपनी गलती को माफ करने को कहेंगे और निलंबन वापसी का अनुरोध करेंगे. गोपाल मंडल ने बताया कि वे भागलपुर में नहीं हैं, पटना आ गये हैं. उन्होंने कहा कि उनसे भूल हुई है. वे प्रदेश अध्यक्ष से भी मिलेंगे और समय लेकर सीएम से बात कर अपने निलंबन वापसी के लिए आग्रह करेंगे.
फिर नगर विधायक पर साधा निशाना
नगर विधायक के बारे में लगातार बयान दे रहे गोपाल मंडल ने एक बार फिर कहा कि नगर विधायक अजीत शर्मा जल्द ही जिले के भूमिहार जाति का सम्मेलन बुलानेवाले हैं. उन्होंने कहा कि हम अपने क्षेत्र के कार्यकर्ताओं व जनता के साथ हमेशा सहयोग करते हैं और जनता के बीच में रहते हैं. अजीत शर्मा अपने कार्यकर्ताओं से मिलते तक नहीं हैं. उन्होंने कहा कि अभी चुनाव दूर है. अगर चुनाव नजदीक रहता, तो वोट किसे कहते हैं नगर विधायक को पता चल जाता. अगले चुनाव में एक भी बैकवर्ड जाति का वोट अजीत शर्मा को नहीं लेने देंगे.
नगर विधायक ने कहा नो कमेंट
गोपाल मंडल के बयान पर नगर विधायक अजीत शर्मा ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. उन्होंने बस इतना ही कहा नो कमेंट्स.
ऐसी भाषा का प्रयोग जनप्रतिनिधियों को शोभा नहीं देता
इधर कहलगांव के विधायक सदानंद सिंह ने गोपाल मंडल के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसा बयान जनप्रतिनिधियों को शोभा नहीं देता है.
प्रदेश अध्यक्ष से मिलेंगे, फिर समय लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मिलेंगे
अगले चुनाव में बैकवर्ड जाति का एक भी वोट नहीं लेने देंगे नगर विधायक को
गोपाल मंडल मामले में नगर विधायक अजीत शर्मा ने कहा, नो कमेंट
सदानंद सिंह ने कहा, ऐसी भाषा का प्रयोग जनप्रतिनिधियों को शोभा नहीं देता

Next Article

Exit mobile version