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काजीचक भू विवाद: सांसद ने ही तारा देवी को रखवाया था किराये पर

भागलपुर: जमुई के सांसद भूदेव चौधरी ने काजीचक मुहल्ले में जिस तारा देवी से अपनी पत्नी के नाम जमीन खरीदी है, वह रजिस्ट्री के दौरान रामसर मोहल्ले में किराये पर रहती थी और उसे श्री चौधरी ने ही वहां किराये पर रखवाया था. प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरीSpies In Mauryan Dynasty : मौर्य काल से […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 3, 2014 10:06 AM

भागलपुर: जमुई के सांसद भूदेव चौधरी ने काजीचक मुहल्ले में जिस तारा देवी से अपनी पत्नी के नाम जमीन खरीदी है, वह रजिस्ट्री के दौरान रामसर मोहल्ले में किराये पर रहती थी और उसे श्री चौधरी ने ही वहां किराये पर रखवाया था.

तारा देवी की मौत की अंतिम रिपोर्ट में मकान मालिक भोला मंडल ने बयान दिया है कि तत्कालीन विधायक भूदेव चौधरी ने ही तारा को उनके यहां किराये पर रखवाया था. विदित हो कि 21 जुलाई 2006 को सांसद श्री चौधरी ने अपनी पत्नी के नाम काजीचक में साढ़े पांच कट्ठा जमीन खरीदी थी.

यह जमीन साधे मिस्त्री के नाम थी, जिनकी मौत चुकी थी. नि:संतान तारा देवी को उसकी विधवा बताते हुए उनसे सांसद ने जमीन रजिस्ट्री करायी थी. रजिस्ट्री में इस बात का उल्लेख किया गया है कि रजिस्ट्री के वक्त तारा देवी पूर्ण रूप से स्वस्थ थी, लेकिन रजिस्ट्री के करीब 45 दिन बाद ही अचानक तारा देवी की मौत हो गयी. यही नहीं उस वक्त तारा देवी रामसर मोहल्ले में भोला मंडल के घर में किराये पर रहती थी और छह सितंबर 2006 को उसकी मौत हो गयी.

तारा की मौत के बाद इस बात को लेकर हंगामा भी हुआ था कि जमीन विवाद के कारण उसकी हत्या कर दी गयी, लेकिन तातारपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष विनोद कुमार ने इसे स्वाभाविक मौत बताया था और इस संबंध में तातारपुर थाना में कांड संख्या 605/06 भी दर्ज किया गया था. उस वक्त पुलिस ने तारा देवी का पोस्टमार्टम कराये बगैर ही शव का अंतिम संस्कार करा दिया था. खुद को जमीन का असली वारिस व साधो मिस्त्री को अपना नाना बताने वाले परमानंद शर्मा ने उस वक्त भी तारा देवी की मौत मामले में कोर्ट में नालिसी वाद भी किया था और इसको लेकर कई सवाल भी खड़े किये थे.

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