भागलपुर-नवगछिया में बेलगाम हुए अपराधी

भागलपुर: भागलपुर और नवगछिया में अपराधी बेलगाम हो गये हैं. कमजोर पुलिसिंग के कारण दिन-दहाड़े वारदात को अंजाम दे रहे हैं. सोमवार को भागलपुर में अपराधियों ने दिनदहाड़े टेंपो चालक को बीच सड़क पर गोली मार दी और हथियार को शॉल में छिपा कर बड़े आराम से फरार हो गये. पुलिस कुछ नहीं कर सकी. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 14, 2014 10:05 AM

भागलपुर: भागलपुर और नवगछिया में अपराधी बेलगाम हो गये हैं. कमजोर पुलिसिंग के कारण दिन-दहाड़े वारदात को अंजाम दे रहे हैं. सोमवार को भागलपुर में अपराधियों ने दिनदहाड़े टेंपो चालक को बीच सड़क पर गोली मार दी और हथियार को शॉल में छिपा कर बड़े आराम से फरार हो गये. पुलिस कुछ नहीं कर सकी. उसी तरह बिहपुर के जयरामपुर गांव के सहोढ़ी टोला में अपराधियों ने फायरिंग कर मजदूर पुत्र का अपहरण कर लिया. कोसी किनारे ले जाकर उसका गला रेत दिया. दोनों घटना के घायलों का इलाज जेएलएनएमसीएच में चल रहा है. दोनों मामले में अपराधी नहीं पकड़े गये हैं.

रविवार की शाम तिलकामांझी थाने के पीछे एक टेंपो में बम विस्फोट हो गया. इसमें छह कलाकार घायल हो गये. एक कलाकार का दोनों हाथ उड़ गया. टेंपो में बम कहां से आया, अब तक पुलिस यह पता नहीं कर पायी है. घायल कलाकार के विरोधाभासी बयान में पुलिस उलझ कर रह गयी है. भागलपुर के एसएसपी छुट्टी पर हैं. इस कारण पुलिसिंग कमजोर पड़ गयी है. नियमित रूप से वाहन व संदिग्धों की जांच नहीं हो रही है. थानाध्यक्ष से लेकर एएसआइ कोई भी जांच का टारगेट पूरा नहीं कर रहे हैं. नवगछिया में भी हत्याओं का सिलसिला नहीं रुक रहा है. कुल मिला कर दोनों जिले में वारदात रोजनामचा बन गयी है.

नवगछिया में चोरी-डकैती से ज्यादा हत्याएं
नवगछिया में लोगों की जान सस्ती हो गयी है. जिले में चोरी-डकैती से ज्यादा हत्याएं हो रही हैं. पिछले एक साल में जिले में 45 लोगों की हत्या हुई, जबकि 17 चोरी, व 12 लूट की घटनाएं हुई. यह चिंताजनक है. जिले में भले ही संपत्तिमूलक अपराध कम है, लेकिन लोगों की हत्याएं संगठित तरीके से हो रही है.

डीआइजी सख्त, खुद दे रहे थानाध्यक्ष को निर्देश
जिलों में हर छोटी-बड़ी घटनाओं पर डीआइजी संजय सिंह सख्त हैं. तिलकामांझी बम विस्फोट, हुसैनाबाद फायरिंग कांड, बांका रेप कांड व नवगछिया हत्याकांड में डीआइजी ने एसएसपी व एसपी से रिपोर्ट तलब किया है. भागलपुर शहर में हो रही प्रमुख वारदात में डीआइजी खुद थानाध्यक्ष को फोन कर निर्देश दे रहे हैं. फोन पर ऑनलाइन होकर घटना की मिनट-टू-मिनट रिपोर्ट भी ले रहे हैं.

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