profilePicture

जैन मंदिर पहुंचने के लिए नरक से होकर गुजरना मजबूरी

जैन सिद्धक्षेत्र मंदिर के मार्ग में बढ़ती ही जा रही है कीचड़ व जलजमाव की समस्याप्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरीSpies In Mauryan Dynasty : मौर्य काल से ही चल रही है ‘रेकी’ की परंपरा, आज हो तो देश में मच जाता है बवालRajiv Gauba : पटना के सरकारी स्कूल से राजीव गौबा ने की थी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 21, 2016 6:50 AM

जैन सिद्धक्षेत्र मंदिर के मार्ग में बढ़ती ही जा रही है कीचड़ व जलजमाव की समस्या

भागलपुर : श्व स्तर पर चर्चित जैन धर्म के 12वें तीर्थंकर वासुपूज्य की पंचकल्याणक भूमि दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र के सामने बह रहे नाले को लेकर दिन व दिन व्यवस्था बिगड़ती ही जा रही है. अभी बरसात का मौसम बाकी ही है. इससे पहले ही जैन मंदिर के मुख्य द्वार तक कीचड़ व नाले का पानी पहुंच चुका है. इससे देश के विभिन्न प्रांतों से चंपापुर स्थित जैन सिद्धक्षेत्र पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
15 जुलाई को शुरू होगा चतुर्मास एवं भादो में दशलक्षण महापर्व : शुभ महीना चतुर्मास व दशलक्षण महापर्व कैसे मनायेंगे, इसकी चिंता मंदिर से जुड़े पदाधिकारी व कर्मचारी को सताने लगा है. सिद्धक्षेत्र मंत्री सुनील जैन बताते हैं कि 15 जुलाई से 11 नवंबर तक चतुर्मास रहेगा. इसी बीच भादो माह में जैन धर्मावलंबियों का दशलक्षण महापर्व आयेगा.
इसमें भारी संख्या में श्रद्धालु इस सिद्धक्षेत्र पर आकर स्थायी रूप से निवास करते हुए मंत्र साधना, विशेष पूजन अनुष्ठान एवं शास्त्रीय विधान का आयोजन करते हैं.
25 नवंबर से बनी है समस्या : राघोपुर गांव के लोगों ने अपना खेत व अन्य चीजों बचाने के लिए नाला बंद कर दिया. इससे 25 नवंबर से शुरू हुई समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हुआ. जैन मंदिर के सामने नाले में में कबीरपुर, गोलदारपट्टी, पासी टोला एवं बुधिया टोला का पानी आता है. पानी को टैंकर से उठाने के बाद भी रोजाना सड़क पर उतना ही पानी जम जाता है, जितना पहले था. रोजाना इस क्षेत्रों से 25 से 30 हजार लीटर पानी नाले में आ रहा है.
इन सार्वजनिक स्थानों का भी रास्ता हुआ अवरुद्ध
जैन मंदिर के अलावा इसी रास्ते में स्थित प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, शिक्षा निकेतन, बुधिया धर्मशाला भी है. यहां से जुड़े लोग भी परेशान हैं. चिकित्सा केंद्र में तो मरीजों का आना पूरी तरह से बंद हो गया है. शिक्षा निकेतन के छात्र जैन मंदिर होकर स्कूल जाते हैं. मंदिर के मुख्य द्वार पर कीचड़ जमा है.
अब नहीं निकाला जाता है नाले का पानी
पांच माह पहले प्रशासनिक पदाधिकारियों के निर्देश पर सड़क पर जमे नाले के पानी को पंप सेट से निकाला जाता था. अब तो खानापूर्ति की जा रही है. नाथनगर क्षेत्र का पानी अब कबीरपुर की ओर बढ़ता जा रहा है. बरसात में परेशानी आैर बढ़ सकती है.
जिप अध्यक्ष कौन, फैसला कल
सियासत. सोमवार को भी पर्दे के पीछे बनती रही रणनीति
जिप अध्यक्ष कौन होगा, इसका फैसला बुधवार को हो जायेगा. जो समीकरण बने हैं, उससे इतना तो साफ हो गया है कि भिड़ंत आमने-सामने की ही होगी. सोमवार को भी किसी ने अपना पत्ता नहीं खोला, लेकिन अंदर ही अंदर समीकरण बनते-बिगड़ते रहे. इस बनते-बिगड़ते समीकरण के बीच इतना तो साफ हो गया कि मुकाबला काफी कड़ा होने जा रहा है. दोनों गुट जोर-आजमाइश में लगे हैं.

Next Article

Exit mobile version