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पिता को क्या मालूम कि आभा साथ छोड़ देगी

सबौर : सबौर थाना क्षेत्र के धनकर निवासी उदय कुमार सिंह ठेकेदार हैं. उन्हें क्या पता था कि जिस लाडली आभा को वह नर्स बनने का प्रशिक्षण लेने के लिए भेज रहे हैं, एक दिन उसका शव देखना पड़ेगा. घर पर गुरुवार की शाम में तो कोई नहीं था, लेकिन पूरा मुहल्ले में लोग गमगीन […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 23, 2016 5:00 AM

सबौर : सबौर थाना क्षेत्र के धनकर निवासी उदय कुमार सिंह ठेकेदार हैं. उन्हें क्या पता था कि जिस लाडली आभा को वह नर्स बनने का प्रशिक्षण लेने के लिए भेज रहे हैं, एक दिन उसका शव देखना पड़ेगा. घर पर गुरुवार की शाम में तो कोई नहीं था, लेकिन पूरा मुहल्ले में लोग गमगीन थे. लोग आभा की चर्चा करते नहीं थक रहे थे. जितने मुंह उतनी बातें हो रही थी. लेकिन अधिकतर लोग आभा के व्यवहार का कायल दिखे. ग्रामीणों की मानें तो आभा के पिता बिजली के ठेकेदार हैं.

वहीं इनका मूल निवास गया जिला में है. यहां हाल में उन्होंने अपना घर बना लिया और यहीं रह रहे हैं. आभा इनकी छोटी बेटी है. जैसे ही यह खबर छोटी धनकर के चांदनी चौक पर पहुंची, लोग आश्चर्य चकित हो गये. आभा के घर में ताला बंद पाया गया. माता पिता दोनों खबर मिलते ही बिना किसी को कुछ बताये अस्पताल के लिए भागे. पड़ोसियों को देर शाम पता चला कि ऐसी घटना हो चुकी है. आभा कुंवारी थी. बताया जाता है कि उदय कुमार सिंह के दो पुत्र और एक पुत्री थी जिसमें पुत्री आभा सबसे छोटी थी.

रूममेट से सच्चाई सामने आ सकती है
नर्सिंग सेकेंड इयर की छात्रा आभा सिंह के साथ उसके कमरे में रहने वाली अन्य छात्राओं से पूछताछ करने पर सच्चाई सामने आ सकती है. आभा की नर्स बहन आशा ने बताया कि उसके साथ हॉस्टल के कमरे में मधु और नीलाक्षी नाम की छात्राएं रहती थीं. आभा किस बात से परेशान थी और उसके कॉन्टैक्ट में कौन लड़का था इस बात की जानकारी उसकी रूममेट से पुलिस को मिल सकती है. हालांकि आभा की आत्महत्या के बाद छात्राओं ने कुछ भी कहने से मना कर दिया था.

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