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कार्यालय काे बिजली कर्मियों ने घेरा, प्रदर्शन

विरोध हड़ताल पर रहे बिजली कर्मचारी, कामकाज ठप, बैरंग लौटे उपभोक्ताप्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरीSpies In Mauryan Dynasty : मौर्य काल से ही चल रही है ‘रेकी’ की परंपरा, आज हो तो देश में मच जाता है बवालRajiv Gauba : पटना के सरकारी स्कूल से राजीव गौबा ने की थी पढ़ाई अब बने नीति आयोग […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 1, 2017 5:20 AM

विरोध हड़ताल पर रहे बिजली कर्मचारी, कामकाज ठप, बैरंग लौटे उपभोक्ता

भागलपुर : मांगों के समर्थन में बिजली कर्मचारी मंगलवार को बिजली श्रमिक संघ के बैनर तले एक दिनी हड़ताल पर रहे. इस दौरान कर्मचारियों ने खरमनचक में फ्रेंचाइजी कंपनी बीइडीसीपीएल के प्रधान कार्यालय का घेराव किया. कंपनी के खिलाफ कर्मचारियों ने प्रधान कार्यालय के सामने धरना दिया. इस दौरान कर्मचारियों ने प्रदर्शन व नारेबाजी की.
बिजली कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से कामकाज प्रभावित रहा. कंपनी के कलेक्शन काउंटर बंद रहे. हालांकि बिजली आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा. संघ के अध्यक्ष मो गुलाम रसूल ने बताया कि सामूहिक छंटनी, बोनस सहित कर्मचारियों की मांगों की पूर्ति, जिस कर्मचारी का ट्रांसफर हुआ उसे फ्यूल चार्ज देने, त्रिपक्षीय समझौता को लागू नहीं करने से संबंधित मांग की लंबे समय से कर्मचारी करते रहे हैं, लेकिन कंपनी ध्यान देना उचित नहीं समझती है.
इस एक दिनी हड़ताल के बाद भी मांगें पूरी नहीं हुई, तो बेमियादी हड़ताल करेंगे. इसकी जवाबदेही बीइडीसीपीएल की होगी. बिजली श्रमिक संघ की आमसभा रविवार को जिला स्कूल के प्रांगण में हुई थी. सर्वसम्मति से हड़ताल करने का निर्णय लिया गया था. संघ ने कंपनी को 30 जनवरी तक मांगों को पूरा करने की चेतावनी दी थी. धरना-प्रदर्शन के दौरान संघ के महामंत्री आदित्य कुमार, सचिव इलियास अंसारी, संगठन मंत्री संतोष कुमार चौधरी, उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार, संयुक्त मंत्री सुनील झा, कोषाध्यक्ष जियाउद्दीन, इजराइल खान आदि उपस्थित थे.
अधिकारियों को रोका, कलेक्शन काउंटर रहे बंद
बिजली कर्मचारियों के अनुसार धरना-प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों को दफ्तर जाने से रोका. इस दौरान दोनों के बीच कहासुनी हो गयी. कुछ अधिकारी किसी तरह से दफ्तर जा सके. कर्मचारियों की हड़ताल से कामकाज प्रभावित रहा. उपभोक्ताओं को सेवा-सुविधा नहीं मिली. उन्हें बैरंग लौटना पड़ा.
कंपनी को चेतावनी सुनवाई 21 को
कंपनी के प्रधान कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन के दौरान दोनों पक्षों को पत्र मिला और उन्हें श्रम कार्यालय बुलाया गया. दोनों पक्ष श्रम कार्यालय पहुंच कर उपश्रमायुक्त व श्रम अधीक्षक के सामने अपना-अपना पक्ष रखा. संघ के अध्यक्ष मो गुलाम रसूल के अनुसार दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद उपश्रमायुक्त व श्रम अधीक्षक ने प्रबंधन पक्ष से कहा कि पिछले साल हुए त्रिपक्षीय समझौता को अबतक लागू क्यों नहीं किया गया? इस पर प्रबंधन ने 20 फरवरी तक का समय लिया है. श्रम अधीक्षक ने कहा कि अगर नियत समय पर सभी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो कार्रवाई होगी. सुनवाई की अगली तारीख 21 फरवरी है. बैठक में एक पक्ष से संघ के पदाधिकारी, तो दूसरे पक्ष में प्रबंधन की ओर से सहायक अभियंता व विजयानंद शामिल थे.

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