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सब कुछ ओके, बैंक पहुंच लटक जाता आवेदन

बैंक थर्ड पार्टी जांच अस्वीकृत स्वीकृतप्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरीSpies In Mauryan Dynasty : मौर्य काल से ही चल रही है ‘रेकी’ की परंपरा, आज हो तो देश में मच जाता है बवालRajiv Gauba : पटना के सरकारी स्कूल से राजीव गौबा ने की थी पढ़ाई अब बने नीति आयोग के सदस्यUPS: पुरानी पेंशन बहाली […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 12, 2017 4:18 AM

बैंक थर्ड पार्टी जांच अस्वीकृत स्वीकृत

एसबीआइ 34 8 4
पीएनबी 4 0 0
बीओआई 11 4 1
यूबीआइ 4 0 2
इलाहाबाद 4 0 2
कैनरा 1 0 0
यूको 10 0 1
बीओबी 2 0 1
भागलपुर : छात्रों की क्रेडिट कार्ड योजना में पेच ही पेच है. इच्छुक आवेदक को थर्ड पार्टी की जांच प्रक्रिया के बाद बैंक की कड़ी पूछताछ से होकर गुजरना पड़ता है. इस कारण अगर आवेदक थर्ड पार्टी जांच से निकल भी जाता है तो बैंक में जाकर उसका मामला फंसने का डर बना रहता है. अगर बैंक की सहमति या असहमति पर ही क्रेडिट कार्ड जारी करना निर्भर है तो सवाल उठता है कि सरकार की थर्ड पार्टी जांच का औचित्य क्या है. बैंक के पचड़े से बचाने को लेकर सरकार ने सभी तरह के कागजात को पहले आउटसोर्स एजेंसी से पड़ताल कराने का प्रावधान किया है. योजना शुरू करते समय मुख्यमंत्री ने बैंकों का चक्कर खत्म करने के लिए थर्ड पार्टी से जांच करवाने की बात कही थी. आवेदकों के अनुसार, बैंक उन्हीं कागजात को लेकर सवाल-जवाब करती है,
जो थर्ड पार्टी द्वारा पहले की जाती है. जिला में 12 मामलों में थर्ड पार्टी की जांच में ओके होने पर भी बैंक ने उसे अस्वीकृत कर दिया. इस तरह संबंधित आवेदक को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का लाभ नहीं मिला. जिला निबंधन सह परामर्श केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, कांउटर के माध्यम से 209 से अधिक स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का आवेदन हुआ. इसमें आठ मई तक 70 आवेदक को थर्ड पार्टी ने जांच करके केंद्र को भेजा. केंद्र ने आवेदक के बताये गये बैंक में जांच किये हुए आवेदन को भेजते हुए क्रेडिट कार्ड जारी करने के लिए कहा. लंबित मामलों की बात करें तो सबसे अधिक एसबीआइ को आवेदन भेजे गये, जहां लंबित मामले में भी अधिक हैं. सबसे कम महज एक आवेदन कैनरा बैंक को दिये गये, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है.
आउटसोर्स एजेंसी और बैंक की पेच में फंस रहे क्रेडिट कार्ड के आवेदक, 57 आवेदन अटके

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