एक घंटे तक आरा स्टेशन पर बिना वजह के खड़ी रहती है पैसेंजर
आरा : देश में एक तरफ जहां बुलेट ट्रेन चलाने की योजना पर विचार हो रहा है. वहीं दूसरी तरफ पटना-मुगलसराय रेलखंड पर चलने वाली 63261 फतुहा-बक्सर पैसेंजर ट्रेन को सौ किलोमीटर की दूरी तय करने में साढ़े छह घंटे लग जाते हैं. अप में पटना से यह ट्रेन रोजाना शाम आठ बजे आरा रेलवे स्टेशन पर पहुंच जाती है, लेकिन आरा से खुलने की इसकी टाइमिंग 8 बजकर 50 मिनट है. ऐसे में यह ट्रेन आरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफाॅर्म संख्या तीन पर बिना वजह के खड़ी रहती है. पैसेंजर ट्रेन के खुलने के समय पर संघमित्रा, गरीब रथ, पाटलिपुत्र-चंडीगढ़, पटना-आनंद विहार स्पेशल, डिब्रूगढ़-नयी दिल्ली राजधानी, हावड़ा-नयी दिल्ली राजधानी ट्रेन इस पैसेंजर को शंट कर देती है. ऐसे में हजारों यात्री भूखे-प्यासे पैसेंजर ट्रेन पर बैठकर रेल प्रशासन को कोसते हुए नजर आते हैं.
टाइमिंग में बदलाव होने से ये होगा फायदा : शटल पैसेंजर ट्रेन के पीछे राजेंद्र नगर-नयी दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस चलती है. यह ट्रेन रात 8 बजकर 8 मिनट पर आरा रेलवे स्टेशन से गुजरती है. अगर राजधानी के पीछे शटल पैसेंजर ट्रेन को चला दिया जाता, तो दस से सवा दस के बीच यह ट्रेन आरा से बक्सर पहुंच जाती. बीच में कारीसाथ, बिहिया व रघुनाथपुर में शंट करने की जगह है. ऐसे में संघमित्रा, गरीब रथ को इन स्टेशनों पर पैसेंजर को रोककर इन ट्रेनों को आगे निकाला जा सकता है. इससे यात्रियों का दो घंटे का समय बच जायेगा.
लूट व छिनतई का शिकार होते हैं यात्री
आरा व बक्सर के बाद किसी भी रेलवे स्टेशन पर रात में यात्रियों ठहरने के लिए व्यवस्था नहीं है. ऐसे में परिवार के साथ देर रात में ट्रेन से उतरनेवाले यात्री लूट व छिनतई का शिकार हो जाते हैं. उसकी एफआईआर भी जीआरपी व लोकल पुलिस के बीच का मामला बताकर दर्ज नहीं हो पाता है. वहीं स्थानीय पुलिस ट्रेन से उतरने का हवाला देकर रेल पुलिस का मामला बताकर पल्ला झाड़ लेती है.