धान खरीद में बरती गयी अनियमितता का खुलासा

आरा : भोजपुर जिले में धान अधिप्राप्ति में बरती गयी अनियमितता का मामला जांच के बाद सामने आने लगा है. यहीं नहीं एसएफसी के अधिकारियों की मिली भगत से एसएफसी क्रय केंद्र प्रभारियों ने किसानों से धान खरीद की तिथि समाप्ति के बाद भी सीधे बिचौलियों से करीब 2329 एमटी धान की खरीद की है. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 29, 2015 11:27 PM
आरा : भोजपुर जिले में धान अधिप्राप्ति में बरती गयी अनियमितता का मामला जांच के बाद सामने आने लगा है. यहीं नहीं एसएफसी के अधिकारियों की मिली भगत से एसएफसी क्रय केंद्र प्रभारियों ने किसानों से धान खरीद की तिथि समाप्ति के बाद भी सीधे बिचौलियों से करीब 2329 एमटी धान की खरीद की है.
एसएफसी के मार्च माह और अप्रैल माह के धान खरीद के आंकड़े पर गौर फरमाने के बाद इस मामले की स्वयं पुष्टि हो जाती है. एसएफसी ने किसानों से धान खरीद की तिथि समाप्त होने के एक माह बाद तक 23 हजार 902 एमटी धान खरीद का आंकड़ा प्रस्तुत किया था, जबकि अप्रैल माह में यह धान अधिप्राप्ति का आंकड़ा 25931.98 एमटी हो गया, जो किसानों से धान खरीद बंद होने के बाद एकबारगी करीब 2329 एमटी धान की खरीद आखिर किससे और कहां से की गयी.
यह अनियमितता के साथ-साथ जांच का मामला बनता है. वहीं दूसरी ओर जिलाधिकारी द्वारा धान अधिप्राप्ति मामले की जांच को लेकर विभिन्न अंचलों के लिए गठित टीम द्वारा की जा रही जांच के दौरान भी धान अधिप्राप्ति मामले में अनियमितता बरते जाने का मामला परत दर परत सामने आने लगा है.
जांच के दौरान कई ऐसे किसानों की पहचान हुई है, जिसने एक ही एलपीसी पर पैक्स, व्यापार मंडल और एसएफसी के धान क्रय केंद्र पर निर्धारित मात्र से अधिक धान बेची है. सूत्रों की मानें, तो इस तरह के सबसे अधिक मामले गड़हनी, अगिआंव, सहार, तरारी, पीरो, चरपोखरी और उदवंतनगर प्रखंड में सामने आये हैं.
ऐसे में जिले में धान खरीद में बरती गयी अनियमितता और बिचौलियों से सीधे धान खरीद मामले की पुष्टि करने के लिए पर्याप्त है. एसएफसी पर किसानों का भुगतान का 35.84 करोड़ रुपये अब भी लंबित है.