महिला की मौत, चार जख्मी

हादसा. जगवलिया छलका पर यात्रियों से भरा ऑटो पलटा आठ घंटे सदर अस्पताल में पड़ा था शव आरा/ सरैया : कृष्णगढ़ थाना क्षेत्र के जगवलिया छलका पर पूजा करने नालंदा जिले से इटहना गांव जा रही महिला यात्रियों से भरा ऑटो मंगलवार की सुबह अनियंत्रित होकर पलट गया. इस घटना में 45 वर्षीया वृद्ध महिला […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

हादसा. जगवलिया छलका पर यात्रियों से भरा ऑटो पलटा

आठ घंटे सदर अस्पताल में पड़ा था शव
आरा/ सरैया : कृष्णगढ़ थाना क्षेत्र के जगवलिया छलका पर पूजा करने नालंदा जिले से इटहना गांव जा रही महिला यात्रियों से भरा ऑटो मंगलवार की सुबह अनियंत्रित होकर पलट गया. इस घटना में 45 वर्षीया वृद्ध महिला की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी, जबकि अन्य घायलों को पुलिस की सहायता से स्थानीय लोगों ने चार पहिया वाहनों पर लाद कर सदर अस्पताल लाया. जहां इलाज कराया गया. इधर घटना में आंशिक रूप से जख्मी पिंकी देवी अपनी मृत पड़ी नानी तिलकोरी देवी के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए बार-बार गुहार लगाती रही, ताकि शव को अपने साथ नालंदा जिले के दनियावा थाना क्षेत्र के दीया नगर स्थित अपने घर ले जा सके, पर आठ घंटे तक गुहार लगाने के बाद भी उसकी सुनवाई नहीं हुई और शाम पांच बजे तक शव अस्पताल में पड़ा हुआ था.
मिली जानकारी के अनुसार नालंदा जिले के दनियावा थाना क्षेत्र के दीया नगर से हुलास मांझी की पत्नी 45 वर्षीया तिलकोरी देवी, रामबली पंडित की पत्नी मंजू देवी, राजा की पत्नी पिंकी देवी तथा कृष्णा पंडित की 50 वर्षीया पत्नी सारो देवी कृष्णगढ़ थाना क्षेत्र के इटहना में ऑटो पर सवार होकर ब्रह्म बाबा के पास पूजा करने जा रही थी, तभी ऑटो जगवलिया छलके पर अनियंत्रित होकर पलट गया. इस कारण तिलकोरी देवी ऑटो के नीचे आ गयी और घटनास्थल पर ही तिलकोरी देवी की मौत हो गयी, जबकि मंजू देवी, पिंकी देवी व सारो देवी जख्मी हो गयी. मंजू तथा सारो देवी की स्थिति चिंताजनक है.
पैसा नहीं देख एंबुलेंसवालों ने मोड़ा मुंह
जख्मी पिंकी की नानी का शव इमरजेंसी वार्ड में पड़ा हुआ था. सदर अस्पताल में कोई पूछनेवाला नहीं था. पिंकी शव का दाह-संस्कार कराने के लिए कभी अपने हाथों में पड़े 150 रुपये देखती, कभी इमरजेंसी वार्ड के रजिस्ट्रेशन काउंटर पर पहुंचती, तो कभी डॉक्टर के पास. पिंकी की भाषा भी बहुत कोई नहीं समझ पा रहा था. पिंकी ने पहले एंबुलेंसवालों से गुहार लगायी की दनियावां ले चलो. वहां ले चलने पर पैसा दे दूंगी. पैसा नहीं सुनते ही एंबुलेंस चालक इमरजेंसी से ऐसे गायब हुए, मानो वहां है ही नहीं.
पिंकी फिर रजिस्ट्रेशन काउंटर के पास पहुंची और आने-जानेवालों लोगों से अपनी नानी तिलकोरी देवी को भिजवाने के लिए गुहार लगाने लगी. मासूम पिंकी के लिए कुछ लोगों ने सदर अस्पताल के प्रबंधक एवं डीएस से बात की. करीब आठ घंटे के बाद उसकी बात सुनी गयी और टालमटोल का रवैया जारी रहा. बाद में अन्य लोगों की सहायता से प्राइवेट गाड़ी कर शव को पोस्टमार्टम कराने के बाद भेजा गया.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

👤 By Prabhat Khabar Digital Desk

Prabhat Khabar Digital Desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >