बाढ़ से फसल को हुई क्षति किसानों के छूट रहे पसीने

आरा/कोइलवर : पिछले सप्ताह आयी बाढ़ अपने साथ सब कुछ बहा ले गयी़. एक ओर जहां किसानों की सैकड़ों बिगहा खड़ी फसल, सब्जी बरबाद हो गयी़, वहीं मालगुजारी पर खेत लिए किसानों की कमर ही टूट गयी. कोइलवर के बाढ़ग्रस्त क्षेत्र कायमनगर के ज्ञानपुर में दर्जनों किसान खून के आंसू रोने को मजबूर हैं. कायमनगर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 3, 2016 6:48 AM
आरा/कोइलवर : पिछले सप्ताह आयी बाढ़ अपने साथ सब कुछ बहा ले गयी़. एक ओर जहां किसानों की सैकड़ों बिगहा खड़ी फसल, सब्जी बरबाद हो गयी़, वहीं मालगुजारी पर खेत लिए किसानों की कमर ही टूट गयी. कोइलवर के बाढ़ग्रस्त क्षेत्र कायमनगर के ज्ञानपुर में दर्जनों किसान खून के आंसू रोने को मजबूर हैं.
कायमनगर व ज्ञानपुर के किसानों ने बताया कि चार हजार से लेकर चालीस हजार रुपये लगा कर मालगुजारी पर खेत में धान, मक्का, बाजरा, सब्जियां लगायीं, जो देखते-ही-देखते बाढ़ में बरबाद हो गयीं. बाढ़ के पानी से सैकड़ों एकड़ भूमि जलमग्न हो गयी, जिससे किसानों की कमर ही टूट गयी. सैकड़ों बिगहा खेत पर धान, मक्का समेत कई प्रकार की सब्जी की खेती की थी, लेकिन बाढ़ की विभीषिका ने सब कुछ तबाह कर दिया़. किसानों की मानें, तो खेत में फसल अच्छी हुई थी़, लेकिन अचानक आयी बाढ़ अपने साथ सब कुछ बहा ले गयी़.
पैसे देकर मालगुजारी पर खेत लिया, उसके बाद फसल भी डूब गयी और अब मुआवजा भी खेत मालिक को मिलेगा. इधर, कोइलवर सीओ मृत्युंजय कुमार ने बताया कि प्रावधान के अनुसार जमीन मालिक को ही मुआवजा दिया जाता है. बाढ़ के पानी में जिनका खेत डूबा है, उनकी सूची तैयार करायी जा रही है. सरकार की गाइड लाइन के अनुसार मुआवजा दिया जायेगा.

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