पटना. रेलवे के विभिन्न टेंडर में भाग लेने के लिए बोली दाताओं को अब बार-बार पंजीकरण नहीं नहीं कराना पड़ेगा. देश में कहीं भी स्थित किसी बोलीदाता को पोर्टल के माध्यम से भारतीय रेलवे की किसी भी फील्ड यूनिट की नीलामी में भाग लेने के लिए केवल एक बार पंजीकरण करने की आवश्यकता है.पूर्व मध्य रेलवे (पूमरे) हाजीपुर में भी यह व्यवस्था शुरू हो गई है.
पूमरे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि पिछले एक माह में पायलट प्रोजेक्ट के तहत भारतीय रेल के नौ जोन के 11 मंडलों में यह व्यवस्था लॉच की गई है. इस दौरान 128 करोड़ के 80 अनुबंधों को अंतिम रूप दिया गया. इससे ना केवल रेलवे की कमाई बढ़ेगी, बल्कि कारोबार सुगमता के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को भी बल मिलेगा. इस नई नीति के साथ, निविदा की कठिन प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा. इसके साथ ही युवाओं को ई-नीलामी प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलेगाा.
वीरेंद्र कुमार ने बताया कि ई-ऑक्सन नीलामी आईआरईपीएस www.ireps.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन की जाएगी. पहले से लागू ठेकेदारों के मंडलवार फिजिकल पंजीकरण की प्रणाली को समाप्त कर दिया गया है. ठेकेदारों द्वारा पिछले टर्नओवर की स्व-घोषणा के आधार पर वित्तीय मानदंड को देखा जाएगा. पारदर्शिता के लिए सभी परिसंपत्तियों का विवरण पोर्टल पर लोड कर दिया जाएगा. संपत्ति के सभी विवरणों के साथ नीलामी सूची आईआरईपीएस पोर्टल पर न्यूनतम 15 दिन पहले ऑनलाइन उपलब्ध होगी.
वीरेंद्र कुमार ने बताया कि नीलामी के लिए न्यूनतम 30 मिनट का समय दिया जाएगा तथा किसी भी कैटलॉग में लगातार लॉट की नीलामी दस मिनट के अंतराल के बाद बंद कर दी जाएगी. यदि नीलामी बंद होने के समय के अंतिम दो मिनट के भीतर कोई बोली प्राप्त होती है, तो लॉट के समापन समय को स्वचालित रूप से दो मिनट के लिए बढ़ा दिया जाएगा. सभी बोलीदाताओं को अपनी बोलियां जमा करने के लिए पर्याप्त समय सुनिश्चित करने के लिए दस ऐसे ऑटो एक्सटेंशन की अनुमति दी जाएगी.