सूर्यगढ़ा. सूर्यगढ़ा में डिग्री कॉलेज नहीं होने से ऊंची शिक्षा प्राप्त करने की लालसा रखने वाले गरीब मेधावी छात्रों एवं खासकर छात्राओं को बीच में ही पढ़ाई छोड़ने को मजबूर होना पड़ रहा है. सूर्यगढ़ा में घोसैठ में इंटरनेश्नल डिग्री कॉलेज घोसैठ में ही एकमात्र डिग्री तक के पढ़ाई की व्यवस्था है जिसे मुंगेर विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त है.
ऊंची शिक्षा का यह संस्थान प्रखंड मुख्यालय से लगभग 16 किलोमीटर दूर है, इसलिये सूर्यगढ़ा के छात्र यहां जाकर पढ़ाई नहीं कर पाते. इस बार विद्यानसभा चुनाव में सूर्यगढ़ा में डिग्री कॉलेज एक प्रमुख चुनावी मुद्दा है.
क्षेत्र के लोगों की यह पुरानी मांग है कि सूर्यगढ़ा में डिग्री तक की पढ़ाई की व्यवस्था हो. ऐसा नहीं है कि इसके लिये पहल नहीं किया गया. वर्ष 1990 में स्थानीय जनता महाविद्यालय के शिक्षकों के द्वारा अन्य मान्यता प्राप्त महाविद्यालय से संबद्ध कर यहां डिग्री की पढ़ाई शुरू किया गया.
आठ-दस वर्ष तक पढ़ाई भी हुई लेकिन बाद में आपसी रस्साकसी के कारण इसे बंद कर दिया गया. प्रखंड मुख्यालय से लगभग पांच किलोमीटर दूर गोपालपुर में भी डिग्री कॉलेज स्थापित करने का प्रयास अभी तक अधूरा है. सरकार द्वारा अब तक किसी भी स्तर से यहां डिग्री तक की पढ़ाई की पहल नहीं की गयी और न ही अब तक इसकी कोई संभावना दिखाई पड़ रहा हे.
क्षेत्र के लोग लगातार सूर्यगढ़ा में डिग्री कॉलेज की आवश्यकता महसूस करते हुए इसकी मांग करते रहे हैं. सूर्यगढ़ा के 28 पंचायतों की तीन लाख से अधिक आबादी एवं समीप के बेगूसराय जिले के शाम्हो-अकहा-कुरहा प्रखंड की आबादी को उच्च शिक्षा का लाभ मिल सके.
मुंगेर यूनिवसिर्टी बनने के बाद क्षेत्र के लोगों को सरकार द्वारा इस दिशा में कदम उठाये जाने की उम्मीद जगी थी, लेकिन एकवर्ष से अधिक समय हो जाने के बाद भी अब तक कोई कदम नहीं उठाये जाने से स्थानीय लोगों में मायूसी है.
लोगों का कहना है कि अगर सूर्यगढ़ा में डिग्री तक पढ़ाई की व्यवस्था हो तो यहां उच्च शिक्षा का बेहतर माहौल बन पायेगा और सूर्यगढ़ा के अलावा शाम्हो दियारा की एक बड़ी आबादी इससे लाभान्वित हो पायेंगे. गरीब मेधावी छात्र-छात्राओं को भी उंची पढ़ाई का अवसर उपलब्ध हो पायेगा.
Posted by Ashish Jha