राजगीर. भगवान मुनिसुव्रतनाथ स्वामी की चार कल्याणक भूमि राजगीर में दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया. तीर्थंकरो के पांच कल्याणक उत्सव में पूजन, धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया गया है़ पहले दिन शहर के रत्नगिरि पर्वत पर ज्ञान कल्याणक महोत्सव मनाया गया़ इस अवसर पर पर्वत पर विराजमान भगवानकी पद्मासन प्रतिमा का जलाभिषेक कर पूजन आदि क्रियाएं सम्पन्न किया गया़. दूसरे दिन जन्मभूमि मन्दिर में जन्म कल्याणक पर सामूहिक पूजन आयोजित किया गया़ दो दिवसीय आयोजन के दूसरे दिन जिनेन्द्र प्रभु का तप एवं जन्म कल्याणक उत्सव मनाया गया़ चांदी के पाण्डुकशिला पर जिनेन्द्र प्रभु को विराजमान कर शुद्ध जल आदि से अभिषेक किया गया़ पुण्यार्जक परिवार द्वारा शांतिधारा कर जाने अनजाने में हुए पापों की निर्जरा की गयी़ भगवान मुनिसुव्रतनाथ स्वामी को जैन धर्म में शनिग्रह निवारक भी माना गया है़ इसी कारण प्रत्येक शनिवार को दुख एवं कष्ट निवारण के लिये सरसों तेल का दीपक जन्म कल्याणक मन्दिर में जलाया जाता है़ इस अवसर पर ग्यारह फुट ऊंची खड्गासन प्रतिमा का जल, केशर, दूध, दही, घी, इच्छुरस, सर्वोषधि कलश से अभिषेक किया गया़ इस अवसर पर मन्दिर शिखर को रंग- बिरंगे लाइट से सजाया गया है़ इस कार्यक्रम में विजय कुमार जैन, संजीत कुमार जैन, विमल जैन, मुकेश जैन, मनीष जैन, सोनु जैन, राहुल जैन एवं अन्य तीर्थ यात्री मौजूद रहे़
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