गंगा दशहरा पर श्रद्धा के साथ लगी आस्था की डुबकी

गंगा दशहरा के पावन पर्व पर नगर के रामरेखा घाट पर तकरीबन एक लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगायी

By Prabhat Khabar News Desk | June 16, 2024 10:07 PM

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-तकरीबन एक लाख स्नानार्थियों ने किया गंगा में स्नान -रामरेखाघाट समेत अन्य घाटों पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

फोटो-14-रामरेखाट पर स्नान करते श्रद्धालुफोटो-15- रामरेखाघाट पर उमड़ी भीड़

फोटो-16-पूजन सामग्री की खरीदारी करती महिलाएं

फोटो-17-रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरे स्नानार्थी

फोटो-18-स्टेशन रोड में लगे वाहनों के जाम

बक्सर. गंगा दशहरा के पावन पर्व पर नगर के रामरेखा घाट पर तकरीबन एक लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगायी. इसके अलावा नाथ बाबा घाट, गोला घाट, सती घाट समेत शहर के अन्य सभी गंगा घाटों पर स्नान के लिए श्रद्धालुओं का सुबह से ही तांता लगा रहा.

स्नानार्थी डुबकी लगाने के बाद मां गंगा की पूजन-अर्चन कर रहे थे और मंदिरों में जाकर भगवान शिव का दर्शन व पूजन कर मात्था टेक रहे थ. कड़ी धूप व शरीर झुलसाने वाली लू के थपेड़ों के बीच स्नान के लिए गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं के आने-जाने का सिलसिला दोपहर बाद तक जारी रहा. स्नान के दौरान स्नानार्थी हर-हर गंगे का जयघोष कर रहे थे.

आचार्य श्री कृष्ष्णानंद पौराणिकजी महाराज ने बताया कि गंगा दशहरा का पर्व ज्येष्ठ मास के कृष्णपक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है. पतित पावनी मां गंगा का आविर्भाव इसी तिथि को हुआ था, लिहाजा उसी उपलक्ष्य में गंगा दशहरा का त्योहार मनाया जाता है. इस दिन गंगा स्नान और उपासना विशेष फलदायी होता है. गंगा स्नान करने से स्नानार्थी के दस तरह के महा पाप धूल जाते हैं.

स्नानार्थियों की भीड़ से चरमराई ट्रैफिक व्यवस्था

गंगा दशहरा के स्नान को लेकर आस्थावानों का सैलाब उमड़ गया था. जिससे पूरे शहर में जाम के हालात बन गए थे. शहर समेत दूर-दराज से आए स्नानार्थियों के रेला से ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी. रामरेखाघाट की ओर जाने वाली सड़क पर छोटे व बड़े वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी. भीड़ का आलम यह था कि रामरेखाघाट पर आने-जाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही थी. सड़कों पर आवागमन सुचारू रखने के लिए टैफिक पुलिस हांफ रही थी, बावजूद यातायात की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही थी. लोग ट्रेनों से लेकर बस एवं चार पहिया वाहनों से पहुंच रहे थे. बक्सर रेलवे स्टेशन पर आने वाली हर ट्रेनों से भारी तादाद में स्नानार्थी उतर रहे थे. स्टेशन पर ट्रेन से उतरने के बाद वे सीधे रामरेखाघाट अथवा नाथ बाबा घाट पर पहुंचे रहे थे और गंगा में डुबकी लगा रहे थे.

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घंटे-घड़ियाल की ध्वनि के बीच विधि-विधान से हुई गंगा महाआरती

बक्सर. गंगा दशहर के अवसर पर रविवार की शाम गंगा मइया की महाआरती की गई. वर्षों से चली आ रही इस परंपरा का निर्वहन गंगा आरती सेवा समिति ट्रस्ट द्वारा किया गया. जिसमें प्रशासनिक पदाधिकारी से लेकर समाजसेवी व धर्माचार्य उपस्थित थे. गंगा महा आरती का पूरा अनुष्ठान तकरीबन एक घंटे तक चला. सबसे पहले गंगा पूजन एवं यजमान द्वारा विधिवत पूजन कर आरती का शुभारंभ किया गया. ट्रस्ट के संरक्षक प्रभंजन भारद्वाज ने बताया कि बक्सर में गंगा आरती की शुरुआत साकेत वासी संत श्रीनारायण दास जी भक्तमाली उपाख्य मामाजी द्वारा बरसों पहले की गई थी. जिसके बाद नियमित आरती की परंपरा शुरू हो गई और रामनवमी, गंगा दशहरा व देव दिवाली को ट्रस्ट द्वारा महा आरती का आयोजन किया जाता है. इस अवसर पर ट्रस्ट के सचिव श्रवण तिवारी, सौरभ तिवारी, धन जी सिंह, ओम जी, पप्पू राय, शेखर, मनोज वर्मा, परमहंस पांडेय आदि उपस्थित थे. आरती ट्रस्ट के मुख्य पुजारी अमरनाथ पाण्डेय, धनन तिवारी एवं कपिलमुनि पाण्डेय द्वारा आरती की रस्म पूरी कराई गई. कार्यक्रम संयोजक कपिन्द्र किशोर सोनू ने बताया कि बक्सर में गंगा आरती का विशेष महत्व है. गंगा आरती यहां 18 वर्षों से शाम को नियमित रूप से की जाती है.

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