16.5 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

30 अवैध निजी अस्पतालों के सील होने के पांच दिन बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं

अक्टूबर माह के 28 तारीख को जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल के आदेश पर गठित जांच दल के द्वारा जिले में संचालित तकरीबन 30 नर्सिंग होम, क्लीनिक और प्राइवेट अस्पताल की जांच करायी गयी

बक्सर. अक्टूबर माह के 28 तारीख को जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल के आदेश पर गठित जांच दल के द्वारा जिले में संचालित तकरीबन 30 नर्सिंग होम, क्लीनिक और प्राइवेट अस्पताल की जांच करायी गयी. जांच दल में एडीएम, एसडीएम, बीडीओ से लेकर सीओ तक के अधिकारी शामिल रहे. जांच के दौरान बिना निबंधन के व अवैध रूप से संचालित अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों को सील करने की कार्रवाई तो पूरी कर ली गयी. मगर उन पर प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई आधी-अधूरी छोड़ दी गयी. कारण स्वास्थ्य विभाग का कहना था कि जांच के दौरान प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे, इस कारण उनके द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराना चाहिए. वही प्रशासनिक पदाधिकारियों का कहना है कि जांच दल में स्वास्थ्य महकमा के चिकित्सक व पदाधिकारी भी शामिल थे. इसलिए प्राथमिकी स्वास्थ्य विभाग की ओर से कराना चाहिए. इसी खींचतान में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई पूरी नहीं की जा सकी. जबकि जिला प्रशासन ने सील किए गए अस्पतालों की जो सूची जारी की है. उसमें साफ-साफ लिखा गया है कि सील किये गये अस्पतालों पर प्राथमिकी भी दर्ज कराया गया है. जबकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सील किए गए अस्पतालों पर प्राथमिकी दर्ज नहीं करना है. ऐसा स्वास्थ्य विभाग कर भी नहीं सकता है. क्योंकि स्वास्थ्य विभाग के एक्ट के अनुसार गैर निबंधित अस्पतालों को पहले नोटिस करना है. नोटिस का जबाव नहीं देने पर उनसे शोकॉज पूछा जाना है. इसके पश्चात नोटिस का जवाब नहीं दिए जाने पर उन पर फाइन करने का प्रावधान है. जबकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए जिला प्रशासन के जांच दल में शामिल अधिकारियों के पास वीडियो फुटेज भी है. जिनके अनुसार प्रशासनिक अधिकारी प्राथमिकी दर्ज करा सकते थे. मगर जांच के 24 घंटा बीत जाने के बाद अब प्राथमिकी दर्ज नहीं कराया जा सकता है. नहीं तो प्रशासनिक अधिकारी उलझन में पड़ जायेंगे. अब देखना यह है कि पांच दिन बाद भी प्रशासन या स्वास्थ विभाग अवैध निजी अस्पतालों पर प्राथमिकी दर्ज करा रहा है कि नहीं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

Prabhat Khabar News Desk
Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel