किराये के निजी मकान में चलेगा रैनबसेरा

मोतिहारी : शहर में फुटपाथ पर रात गुजारने वाले लोगों को रैन बसेरा की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी. शीतलहर की कहर को देखते हुए नप प्रशासन ने शहर में शीघ्र ही रैन बसेरा की व्यवस्था करने की प्लानिंग की है. इसके लिए निजी मकान को किराये पर लेने की तैयारी चल रही है. प्रथम फेज […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 5, 2018 4:43 AM

मोतिहारी : शहर में फुटपाथ पर रात गुजारने वाले लोगों को रैन बसेरा की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी. शीतलहर की कहर को देखते हुए नप प्रशासन ने शहर में शीघ्र ही रैन बसेरा की व्यवस्था करने की प्लानिंग की है.

इसके लिए निजी मकान को किराये पर लेने की तैयारी चल रही है. प्रथम फेज में निजी बस पड़ाव छतौनी के आसपास रैन बसेरा को व्यवस्थित करने में नप प्रशासन लगी है. बताया जाता है कि रैन बसेरा के लिए निजी मकान चिह्नित किये गये हैं. जिसे किराया संबंधित अन्य प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी अंतिम चरण में है. जानकारी देते हुए नप कार्यपालक पदाधिकारी हरिवीर गौतम ने बताया कि भूमि के अभाव में रैन बसेरा का निर्माण लंबित है.
भवन निर्माण के लिए शहर में जमीन की तलाश चल रही है. फिलहाल ठंड का कहर को देखते हुए तत्कालिक रैन बसेरा की व्यवस्था करने की कार्य योजना पर काम तेजी से चल रही है. रैन बसेरा के लिए निजी मकान को किराया पर लिया गया है. प्रयोग के तौर पर बस स्टैंड के आसपास निजी मकान में पहली रैन बसेरा को व्यवस्थित करने पर काम चल रहा है. शीघ्र ही शहर के एक अन्य दूसरे सेक्टर रेलवे स्टेशन के आसपास स्टेशन चौक व चांदमारी चौक के आसपास वाले इलाका में दूसरा रैन बसेरा की व्यवस्था होगी. इसके लिए किराये पर निजी मकान की तलाश चल रही है. बताया कि रैन बसेरा में निर्धारित कम राशि में रहने की सुविधा फुटपाथ पर रात गुजारने वाले लोगों को मिलेगी. जहां रैन बसेरा में ठहरने वालों को बेड,बिजली व शुद्ध पेयजल के अलावा शौचालय की सुविधा मुहैया करायी जायेगी.
आइडी कार्ड पर मिलेगी ठहरने की अनुमति : रैन बसेरा में ठहरने के लिए पहचान पत्र देना अनिवार्य होगा. आइडी कार्ड पर रिक्शा व ठेला चलाने वाले या सुदूर गांव से इलाज व अन्य काम से आये लोगों को रैन बसेरा में रात गुजारने के लिए बेड उपलब्ध करायी जायेगी. इसके लिए निर्धारित राशि भी ठहरने वालों को वहन करना पड़ेगा.
कई वर्ष से पड़ी है रैनबसेरा की राशि
शहर में रैन बसेरा निर्माण की योजना स्वीकृत है. इसके लिए करीब 50 लाख रुपये की राशि एडवांस में पड़ी हुई है. लेकिन जमीन अभाव में रैन बसेरा का निर्माण नहीं अब भी लंबित पड़ा है. हालांकि नप प्रशासन ने जमीन के लिए कई बार जिला प्रशासन से संपर्क साधा. लेकिन जिला प्रशासन ने रैन बसेरा निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई. लिहाजा राशि अब भी पड़ी हुई है. बताया जाता है कि मार्च के पहले जमीन नहीं मिली, तो फिर नप प्रशासन को राशि सरेंडर भी करना होगा.
अच्छी खबर
फुटपाथ पर रात गुजारने वालों
को मिलेगी राहत
शीतलहर को देखते हुए नप प्रशासन ने बनायी त्वरित योजना
वैकल्पिक व्यवस्था के तहत भाड़े
के मकान में चलेगा रैनबसेरा
छतौनी बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन के आसपास खोजा जा रहा मकान

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