सेवानिवृत्त होने के बाद भी जगा रहीं शिक्षा का अलख

मोतिहारी : 60 वर्ष की अवस्था में पहुंचते-पहुंचते शिक्षक सेवानिवृत्ति का इंतजार करने लगते है़. वे अपने जिंदगी के बचे समय अपने घरवालों के साथ आराम से बिताना चाहते है़ परंतु जिला मुख्यालय में एक ऐसी महिला शिक्षिका हैं, जो सेवानिवृत्त होने के बाद भी शिक्षा की अलख जगा रही हैं, जो दूसरों के लिए […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 26, 2015 10:46 AM

मोतिहारी : 60 वर्ष की अवस्था में पहुंचते-पहुंचते शिक्षक सेवानिवृत्ति का इंतजार करने लगते है़. वे अपने जिंदगी के बचे समय अपने घरवालों के साथ आराम से बिताना चाहते है़ परंतु जिला मुख्यालय में एक ऐसी महिला शिक्षिका हैं, जो सेवानिवृत्त होने के बाद भी शिक्षा की अलख जगा रही हैं, जो दूसरों के लिए प्रेरणास्नेत है़

शिक्षिका ने स्वस्थ रहने तक बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाने का संकल्प लिया है़ हम बात कर रहे हैं बंगला मध्य विद्यालय में सेवानिवृत्त होने के बाद भी नौनिहालों को शिक्षा देनेवाली शिक्षिका सावित्री राय की़ सावित्री राय 31 जनवरी 2013 को उत्क्रमित मध्य विद्यालय वसबीटा से सेवानिवृत्त हुईं. इसके बाद भी शिक्षिका ने तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी डॉ विनोदानंद झा को आवेदन देकर विद्यालय में नि:शुल्क पढ़ाने की इच्छा जाहिर की़ डीइओ की अनुमति पर 10 मई को शिक्षिका ने फिर से बंगला मध्य विद्यालय में योगदान किया़ तब से वे नियमित रूप से बच्चों को पढ़ा रही हैं.

समय से विद्यालय जाना व पूरी तन्मयता से बच्चों को पढ़ाना इनकी आदत बन चुकी है़ शिक्षिका सावित्री राय बताती हैं कि उन्होंने स्वस्थ रहने तक बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने का संकल्प लिया है़ इस कार्य में उनके पति त्रिपुरेशन राय पूरा सहयोग करते है़. स्टेट बैंक से मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त होनेवाले श्री राय भी अपना समय गायत्री मंदिर में देते है़. साहित्य से पीएचडी करनेवाली शिक्षिका बताती हैं कि वे विद्यालय में सभी विषय पढ़ाती हैं. समय-समय पर अपने खर्च से वह बच्चों के बीच प्रतियोगिता का भी आयोजन कराती है़. बंगला मध्य विद्यालय के प्रभारी एचएम विरेंद्र कुमार का कहना है कि सेवानिवृत्त होने के बाद भी सावित्री राय में पढ़ाने का जज्बा अनोखा है़ यह हम सब के लिए प्रेरणादायी है़ विद्यालय में 114 छात्र हैं और शिक्षक तीन है़