सुरक्षित स्थान की खोज में नेपाल के 133 परिवार भारत आये

मोतिहारी : नेपाल के करीब 133 परिवारों के सुरक्षित स्थान की खोज में भारतीय क्षेत्र में आने को लेकर भारत के साथ नेपाल सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है़ भय इस बात का है कि भूकंप पीड़ित ऐसे लोग बॉर्डर पर सक्रिय मानव तस्करों के जाल में न फंस जाय़े इसको लेकर सरकार के निर्देश […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 17, 2015 7:31 AM
मोतिहारी : नेपाल के करीब 133 परिवारों के सुरक्षित स्थान की खोज में भारतीय क्षेत्र में आने को लेकर भारत के साथ नेपाल सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है़ भय इस बात का है कि भूकंप पीड़ित ऐसे लोग बॉर्डर पर सक्रिय मानव तस्करों के जाल में न फंस जाय़े इसको लेकर सरकार के निर्देश के आलोक में पूर्वी चंपारण के एसपी सुनील कुमार ने नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र के सभी थानों को अलर्ट करते हुए नेपाल से आनेवाले परिवार व मानव तस्करों पर नजर रखने का निर्देश दिया है़ नेपाल से भारतीय क्षेत्र मे आनेवाले लोग कलंकी, कंचनपुर, बांके नवलपरासी, देयन देव, रानी जोगबती आदि क्षेत्र के है़
भूकंप पीड़ित क्षेत्र में मानव
तस्करों से सुरक्षा की दृष्टि से नेपाल के संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों ने बिना अभिभावक के अव्यस्क लड़के-लड़कियों के घूमने पर पाबंदी लगा दी है़ यहां उल्लेखनीय है कि नेपाल से आनेवाले 133 परिवारों का 25 अप्रैल व 12 मई को आयी विनाशकारी भूकंप में सब कुछ उजड़ गया और ये लोग सुरक्षित स्थान की खोज में भारतीय सीमा में प्रवेश किये हैं
सुलभ मार्ग है रक्सौल
नेपाल से आनेवाले लोगों के लिए सुलभ मार्ग पूर्वी चंपारण का रक्सौल माना जाता है़ इसके अलावे छौड़ादानो, घोड़ासहन, बेतिया के सिकटा, नरकटियागंज, सीतामढ़ी का बैरगनिया, पुपरी, भिठ्ठामोड़ व मधुबनी का जयनगर आदि हो सकता है़
स्वयंसेवी संगठनों भी अलर्ट
नेपाल के विभिन्न जिलों में माइती नेपाल संगठन को सूचना के बाद माइती ने नेपाल सरकार को सूचना दी़ उसके बाद नेपाल सरकार द्वारा भारत सरकार, बिहार सरकार को सूचना दी गयी है़ सूचना के आलोक में पूर्वी चंपारण एसपी ने थानों को अलर्ट किया है़ सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक डॉ विवेक सिंह ने कहा है कि प्रयास, निर्देश सहित बॉर्डर पर सक्रिय सभी संगठनों को अलर्ट कर दिया गया है़ मानव तस्करों व नेपाली नागरिक को लेकर इधर निर्देश संस्था की मधु सिंह ने बताया कि बार्डर के 32 गांव में सामुदायिक सतर्कता कमेटी का गठन किया गया है़ ताकि नेपाल से आनेवाले लोग, बच्चे मानव तस्करों के झांसे में न पड़े