दो पुलिसकर्मियों का हत्यारा है नक्सली मिठु

मोतिहारी : पताही से गिरफ्तार हार्डकोर नक्सली बबलु उर्फ मिठु राम व जोखु सिंह ने सीतामढ़ी बैरगनिया के पीपराही सुल्तान पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक हवलदार व एक जमादार को मौत के घात उतार दिया था. उस घटना के बाद से दोनों फरार चल रहे थे.... यह मुठभेड़ वर्ष 2005 के 28 जुन को उस […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 20, 2015 1:23 AM

मोतिहारी : पताही से गिरफ्तार हार्डकोर नक्सली बबलु उर्फ मिठु राम व जोखु सिंह ने सीतामढ़ी बैरगनिया के पीपराही सुल्तान पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक हवलदार व एक जमादार को मौत के घात उतार दिया था. उस घटना के बाद से दोनों फरार चल रहे थे.

यह मुठभेड़ वर्ष 2005 के 28 जुन को उस समय हुआ था, जब नक्सलियों की बैठक की सूचना पर बैरगनिया पुलिस छापेमारी करने पहुंची थी. नक्सलियों ने पुलिस को देखते ही गोलियां झोंक दी. दोनों तरफ से घंटों तक गोलियां चली. इस दौरान नक्सलियों ने बैरगनिया थाना के एक जमादार व एक हवलदार को अपने कब्जे में ले लिया,
उसके बाद पुलिस ने जब दबाव बनाया तो दोनों पुलिसकर्मियों को नक्सलियों ने गोली मार हत्या करने के बाद उनके शव को फेंक दिया.
बैरगनिया थानाध्यक्ष संजीव कुमार ने बताया कि गिरफ्तार दोनों नक्सली हार्डकोर है. अनुसंधान में दोनों नक्सलियों का नाम मुठभेड़ में आया था. उसके बाद से ही दोनों की तलाश की जा रही थी. यहां बताते चले कि नक्सली मिठु राम व जोखु सिंह वर्ष 2005 के मधुबन धमाका में भी शामिल थे.
मधुबन मुठभेड़ में भी थाना के एक सिपाही नसीर अहमद , एसबीआइ बैंक के गार्ड रणवीर सिंह व सीआरपीएफ का एक जवान शहीद हुआ था. उस घटना में दोनों नक्सली जेल जा चुके है.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मिठु राम पताही परती टोला मुठभेड़ में मारे गये नक्सली मैनुद्दीन उर्फ रवि जी का सबसे करीबी था. उसके मारे जाने के बाद संगठन का कमान उसी के हाथों में दिया गया था. कुछ सालों तक उसने संगठन की जिम्मेवारी को बखूबी निभाया, लेकिन पुलिस गिरफ्त में आने के बाद उससे जवाबदेही वापस ले लगी गयी थी.