ePaper

पकड़ीदयाल के सिरहा सामूहिक हत्या के बाद से छुपा था गोपालगंज में

25 Nov, 2016 5:09 am
विज्ञापन
पकड़ीदयाल के सिरहा सामूहिक हत्या के बाद से छुपा था गोपालगंज में

आधार, पैन, वोटर व सिमकार्ड सहित दो मोबाइल बरामद मकान मालिक के दो पुत्र पुलिस हिरासत में पू. चंपारण में हत्या सहित दो दर्जन मामले दर्ज मोतिहारी : पकड़ीदयाल के सिरहा में एके47 से चार लोगों की सामूहिक हत्या के बाद से कुख्यात राजू सिंह राठौर गोपालगंज में छुपा था. वहां ब्रजेश सिंह व मणी […]

विज्ञापन

आधार, पैन, वोटर व सिमकार्ड सहित दो मोबाइल बरामद

मकान मालिक के दो पुत्र पुलिस हिरासत में
पू. चंपारण में हत्या सहित दो दर्जन मामले दर्ज
मोतिहारी : पकड़ीदयाल के सिरहा में एके47 से चार लोगों की सामूहिक हत्या के बाद से कुख्यात राजू सिंह राठौर गोपालगंज में छुपा था. वहां ब्रजेश सिंह व मणी श्रीवास्तव के साथ मिलकर जमीन का कारोबार कर रहा था. उसकी गिरफ्तारी के बाद सिरहा सामूहिक हत्या कांड सहित रंगदारी की कई घटनाओं का खुलासा हुआ है. गुरूवार को राजू सिंह राठौर को पुलिस गोपालगंज से मोतिहारी लेकर पहंुची. उसे पताह थाना में रखा गया है. पुलिस के वरीय पदा. उससे पूछताछ कर रहे है.
उसके पास से सुरेंद्र नारायण सिंह के नाम का आधार, वोटर व पैनकार्ड के अलावे दो मोबाइल व आधा दर्जन विभिन्न कंपनियों का सिमकार्ड बरामद हुआ है. बताया जाता है कि उसके साथ पंकज कुमार सिंह व अविनाश कुमार को भी हिरासत में लिया गया है. दोनों सगे भाई है. उनके मकान में राजू सिंह राठौर किराया पर रहता था. एसपी जितेंद्र राणा ने बताया कि उसके पास एके47 है, लेकिन उसने कही छुपा कर रखा है. हथियार के बारे में पूछताछ के साथ रिकवरी का प्रयास भी किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि पूर्वी चंपारण में हत्या के पांच सहित रंगदारी व लूट के करीब दो दर्जन मामले विभिन्न थानों में दर्ज है. हालिया घटना सिरहा के भिखारी सहनी एवं उसकी पत्नी चंपा देवी, पौत्र मंटू सहनी व वार्ड सदस्य राजकिशोर सहनी को स्वचालित हथियार से गोली मार हत्या, चिरैया हराज के पैक्स अध्यक्ष से 20 लाख की रंगदारी, पकड़ीदयाल में आर्म्स एक्ट में वांछित है. बाकी घटना में जमानत मिल चुकी है. एसपी ने बताया कि गिरफ्तार अपराधी मूल रूप से यूपी का रहने वाला है.
करीब 15 वर्षो से पूर्वी चंपारण सहित आसपास के जिलों सक्रिय है. जमानत पर छुटने के बाद रामगढवा के धनहर दिहुली की लड़की से शादी कर वहीं घर बना लिया था. उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है. छापेमारी में मोतिहारी एसपी जितेंद्र राणा, सिकरहना डीएसपी बमबम चौधरी सहित गोपालगंज पुलिस शामिल थी.
क्या है मामला: पकड़ीदयाल के सिरहा में 26 अगस्त की शाम करीब आठ बजे बाइक सवार अपराधियों ने भिखारी सहनी के घर धावा बोल पांच लोगों को एके47 से छलनी कर दिया. उसमें चार लोगों की मौत हो गयी, जबकि भिखारी का नौकर बच गया. इस घटना में पुलिस की तरफ से दर्ज एफआइआर में राकेश सिंह, टुन्ना सिंह, राजू सिंह राठौर सहित 12 लोगा नामजद व अन्य अज्ञात को आरोपित किया गया. उसमें अबतक नौ लोग पकड़े जा चुके हैं. वहीं सिरहाकोठी के राकेश सिंह व पताही के टुन्ना सिंह की तलाश जारी है.
शातिर मुन्ना को सीढ़ी बना अपराध में बढ़ाया था कदम
राजद के बाहुबली नेता विनोद सिंह की हत्या का फायदा उठा कुख्यात राजू सिंह राठौर ने जिले के आपराध जगत में अपना पैर जमाया. विनोद सिंह की हत्या के बाद दो जाति विशेष के बीच खूनी संघर्ष का एलान हुआ, उसमें हत्यारों से बदला लेने की कसम खाकर राजू सिंह राठौर ने मुन्ना सिंह का हाथ थाम लिया. यह घटना करीब डेढ दशक पहले की है. उस समय छोटेलाल सहनी व मुन्ना सिंह गिरोह आमने-सामने थे, क्योंकि राजद नेता की हत्या छोटेलाल सहनी ने घर में घुसकर की थी.
घटना से बौखलाए राजद नेता के करीबी लोग एक मजबूत हाथ का सहारा ढुंढ रहे थे.वहीं राजू सिंह राठौर भी उत्तर प्रदेश से भागा हुआ एक कुख्यात अपराधी था,उसे भी संरक्षण व सेल्टर की तलाश थी. उसने मौका का फायदा उठाया और मुन्ना सिंह का हाथ पकड़ अपराध करने लगा.पचमंदिर रोड में खादी भंडार के एक नेता की हत्या में दोनों का नाम तेजी से उछला, उसके बाद दोनों ने मिलकर कई बड़े अपराध को अंजाम देकर अपने नाम का सिक्का जमा लिया.
पुलिस के लिए छोटेलाल सहनी व मुन्ना सिंह गिरोह सरदर्द बनने लगा. छोटेलाल सहनी को पुलिस ने पटना जंक्शन से गिरफ्तार किया तो मुन्ना सिंह मुजफ्फरपुर से पकड़ा गया.
दोनों के जेल जाने पर राठौर रंगदारी वसूलने लगा. वह साधु की भेस में गोविंदगंज मलाही के एक मठ में छुपकर गिरोह का संचालन कर रहा था, जहां से पुलिस के हत्थे चढा और जेल गया.
कैदी वैन में गोली मार की थी छोटेलाल की हत्या : राठौर कितना शातिर था, इसका अंदाजा कैदी भान में छोटेलाल की गोली मार हत्या के बाद पता चला. उसकी हत्या कोर्ट हाजत के पास हुई थी.
उस समय छोटेलाल व राठौर को एक साथ पेशी के लिए कैदी भान में एक साथ लाया गया था. भान से उतरने के दौरान राठौर ने छोटेलाल के सिर में पिस्टल की गोलियां उतार दी थी. कैदी भान में राठौर के पास पिस्टल कहां से आया, यह अबतक अबुझ पहेली बनी हुई है. घटना में राठौर के विरुद्ध नगर थाना में केस दर्ज हुआ था.
छोटेलाल की हत्या के बाद मुन्ना व राठौर का कई जिलों में सिक्का चलने लगा, लेकिन इस दौरान छोटेलाल गिरोह ने मुन्ना सिंह को जेल के अंदर ही गोली व बम मार हत्या कर दी, जबकि राठौर ने कैदी वार्ड में छुपकर अपनी जान बचायी थी.
जेल से छूट कर करने लगा था जमीन का कारोबार : मुन्ना सिंह की हत्या के कुछ साल बाद राठौर को जमानत मिली. वह अपने को अकेला पाकर अपराध छोड़ जमीन खरीद बिक्री करने लगा. इसका कार्य क्षेत्र रक्सौल व रामगढवा सहित शहर के आसपास था. रक्सौल के एक कीमती जमीन पर बिहार के एक बाहुबली गिरोह द्वारा कब्जा में गोलीबारी हुई,
उसमें राठौर सहित अन्य पर एफआइआर दर्ज हुआ. पकड़ीदयाल के सिरहा सामूहिक हत्या कांड में नाम आने के बाद भाग कर गोपालगंज चला गया. वहा भी जमीन का कारोबार शुरू कर दिया था, लेकिन ज्यादा दिनों तक पुलिस की नजरों से नहीं बच सका.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
विज्ञापन

अपने पसंदीदा शहर चुनें

ऐप पर पढ़ें
Page not found - Prabhat Khabar