तस्कर को 10 वर्ष की कठोर कारावास, दो लाख अर्थदंड

बेतिया : पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार ने चरस तस्करी के एक दूसरे मामले में सुनवाई पूरी करते हुए एक और महिला चरस तस्कर को दोषी पाया है व उसे 10 वर्ष कठोर कारावास एवं दो लाख अर्थदंड की सजा सुनाई है. सजायाफ्ता महिला तस्कर मंजू देवी सिकटा थाने के लक्ष्मीपुर गांव की […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 13, 2017 1:52 AM

बेतिया : पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार ने चरस तस्करी के एक दूसरे मामले में सुनवाई पूरी करते हुए एक और महिला चरस तस्कर को दोषी पाया है व उसे 10 वर्ष कठोर कारावास एवं दो लाख अर्थदंड की सजा सुनाई है. सजायाफ्ता महिला तस्कर मंजू देवी सिकटा थाने के लक्ष्मीपुर गांव की रहने वाली है.

बताया जाता है कि 25 नवंबर 2014 को एसएसबी जवानों को गुप्त सूचना मिली कि एक महिला मादक पादर्थ के साथ नरकटियागंज जक्शन पर पहुंची है तथा दिल्ली जाने वाली सत्याग्रह एक्सप्रेस के महिला बोगी में वह बैठी है. सूचना के आधार पर एसएसबी ने जाल बिछाया. जैसे हीं ट्रेन नरकटियागंज जक्शन पर पहुंची एसएसबी ने गुप्तचरों के निशानदेही पर महिला तस्कर की शिनाख्त कर ली व हिरासत में ले लिया गया. पूछताछ पर सिकटा थाना के लक्ष्मीपुर गांव के रहने वाली मंजू देवी के रूप में महिला की पहचान हुई.

उसके बाद जब महिला पुलिस ने उसकी तलाशी ली,तो उसके पास से 3 किलो 400 ग्राम चरस बरामद कर लिया गया. एसएसबी के पदाधिकारी जगजीवन शर्मा के आवेदन पर नरकटियागंज रेल थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. इसी मामले की सुनवाई स्पीडी ट्रायल के माध्यम से मात्र तीन वर्षों में पूरी करते हुए न्यायालय ने यह सजा सुनाई है. अर्थदंड की राशि का भुगतान नहीं करने पर उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.