वारदात. लूट से पहले करते हैं रेकी, पुलिस को भनक तक नहीं
बेतिया : सिरिसिया ओपी के सबेया बघमारा के पास बस रोककर हुई लूट की वारदात ने पुलिसिया सक्रियता को कटघरे में ला दिया है. सवाल खड़ा कर दी है पुलिस के उस दावे की, जिसमें वह सुरक्षित माहौल देने का दावा करती है.
नाकामी दर्शाती है पुलिस के उस तेवर की, जो अपराधियों में पुलिस का खौफ पैदा करती है. पोल खोल दिया है उस क्राइम कंट्रोल का, जिसमें अपराधियों के पूर्व नियोजित लूट की वारदात की भनक तक पुलिस को नहीं लगी. अब घटना को लेकर जितने खौफ में लोग हैं, उससे कहीं ज्यादा पुलिस के खिलाफ लोगों में गुस्सा है. सितंबर माह में हुए लूट के मामले पर गौर करें तो घटनाक्रम कुछ और ही बयां कर रहे हैं. आंकड़े बता रहे हैं कि जिले में अपराधियों ने पूरी तैयारी के साथ धमक दे दी थी, लेकिन पुलिस ही खामोश रही है. नतीजा सितंबर माह में तकरीबन हर पांचवें दिन लूट हो रही है.
राहगीर, कर्मी, व्यवसायी, प्राइवेट कंपनी के अधिकारी लूटे जाते रहे, लेकिन पुलिस ने इन घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया. लिहाजा बेखौफ अपराधियों ने शनिवार को एक ऐसी लूट की वारदात को अंजाम दे दिया, जोकरीब दो दशक से जिले में घटित नहीं हुआ था. अपराधियों ने बीच सड़क में बस रोककर तांडव मचाया और फायरिंग कर रुपये लूट ले गये.
घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस खाली हाथ है. अभी तक पुलिस के हाथ कोई भी सुराग नहीं लग सकी है. वह भी तब, जब यह घटना दिनदहाड़े हुई थी. इधर, घटना को लेकर शहर के व्यवसायियों में पुलिस के खिलाफ काफी गुस्सा है.
बस की सुरक्षित यात्रा पर भी सवाल उठने लगा है. हालांकि पुलिस का दावा है कि वह जल्द ही मामले का खुलासा कर लेगी. लूट की घटना को अंजाम दिया गया, वह लूट से पहले रेकी के संकेत दे रहे हैं. लूटेरे घटना से पहले लूट की पटकथा लिख चुके थे. वे लुटेरे जानते थे कि सीमेंट व्यवसायी का कर्मी राजकुमार वर्मा शनिवार को लहना वसूलने जायेगा. घटना को अंजाम कहां देना है, वह भी पूर्व नियोजित था .