बेतिया : एलकेजी के छात्र वीर कुमार की अपहरण के बाद हत्या के मामले में गिरफ्तार गोलू के खुलासे से न सिर्फ पुलिस बल्कि मुहल्लेवासी भी अचंभित हैं. गोलू ने महज दस हजार रुपये के लिए उस मासूम वीर की हत्या की है, जिसे वह बचपन से ही जानता था. अक्सर प्यार से उसे पुचकारा करता था और टाफी-चॉकलेट भी खिलाता रहता था.
लेकिन उसी मासूम वीर की हत्या करने में उसके हाथ तक नहीं कांपे, जिसपर वह हर रोज प्यारा लुटाया करता था. आरोपित के खुलासे के बाद से एक तरफ जहां मुहल्ले के लोगों में उसके खिलाफ भारी गुस्सा है. वहीं इस सनसनीखेज वारदात ने शहर को झकझोर कर रख दिया है. पुलिसिया पूछताछ में गिरफ्तारी आरोपित गोलू ने सिलसिलेवार वारदात की बाद स्वीकारी है. पुलिस सूत्रों की माने तो गोलू ने बताया है कि उसे दस हजार रुपये की जरूरत थी.
पहले तो उसने चोरी करने की योजना बनायी. लगातार तीन-चार दिन तक प्रयास भी किया, लेकिन सफल नहीं हो सका. गुरुवार की दोपहर जब उसने वीर को दरवाजे के बाहर अकेले खेलते देखा तो उसके मन में वीर का अपहरण कर उसके पिता से फिरौती में दस हजार लेने की तरकीब सूझी. चूंकि गोलू जानता था कि मासूम वीर उसके साथ कहीं भी जा सकता है. लिहाजा वह तुरंत वीर के पास पहुंचा और टाॅफी खिलाने के बहाने उसे झिलिया के नवनिर्मित मकान में ले गया. गोलू उसे यहां रखना चाहता था, उसका वीर की हत्या करने का इरादा नहीं था. पुलिस की माने तो वीर ने शोर मचाना शुरू कर दिया. इस पर गोलू ने पहले डराकर वीर को चुप कराने की कोशिश की, लेकिन बाद में उसे शौचालय की टंकी में डूबा कर उसकी हत्या कर दी. नगर थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले में अभी पूछताछ चल रही है.

