बैरिया : लौकरिया के पांडेय टोला गांव मंगलवार को रणक्षेत्र बन गया था. पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी पर लाठी-डंडे चल रहे थे और वे हमलावरों से बचने के लिए इधर-उधर भागते नजर आ रहे थे.
अगर गांव के कुछ प्रबुद्ध लोगों ने ग्रामीणों को नहीं समझाया होता तो दृश्य कुछ और ही होता. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आक्रोशित ग्रामीणों के कब्जे से हटा कर जिस घर में सीओ व जमादार को रखा गया था. उस घर के दरवाजे पर भी आक्रोशित ग्रामीणों ने भी हमला किये. जब तक उच्च अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच नहीं गये. तब तक गांव में दहशत का माहौल कायम था. एसडीएम सुनील कुमार व मुख्यालय डीएसपी एनके सिंह ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर बंधक बने अधिकारियों को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कराया.
क्या है मामला
लौकरिया के पांडेय टोला निवासी अरुण कुमार पांडेय अतिक्रमण हटाने के लिए सीओ को आवेदन दिया था. इसी आवेदन के आधार पर मंगलवार को सीओ अभिषेक आनंद पुलिस बल के साथ लौकरिया गांव के पांडेय टोला में पहुंचे थे. अतिक्रमण हटाने के दौरान अंबिका महतो हंगामा खड़ा करने लगा. इस पर अंबिका को पुलिस ने कब्जे में ली. इसी बीच कतिपय तत्वों ने गांव में आग लगा दी गयी. इसमें पांच घर जल कर राख हो गये. इस घटना पर ग्रामीण का गुस्सा फूट पड़ा और पुलिस पदाधिकारियों पर टूट पड़े.
इनके जले हैं घर
कतिपय तत्वों द्वारा गांव में लगायी गयी आग में ग्रामीण अमीरका महतो, चंदर महतो , विक्रम महतो, मैनेजर महतो व अरुण पांडेय के घर जल गये. इसमें अमीरका महतो व चंदर महतो की दो-दो बकरियां भी जल कर मर गयी. अरुणका बथान भी जल गया.