एक किलो दाल में रु 40 की मुनाफाखोरी

बेतिया : दाल व अन्य खाद्य पदार्थों की महंगाई को लेकर हाय-तौबा मची है. घर-परिवारों का बजट बिगड़ गया है. लोग मंहगाई को कोस रहे हैं. जिला प्रशासन भी महंगाई को रोकने में जुटा हुआ है. बावजूद इसके ग्राहक खुलेआम ठगे जा रहे हैं. एक किलो दाल के पीछे खुदरा विक्रेता 40 रुपये की मुनाफाखोरी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 26, 2015 3:02 AM

बेतिया : दाल व अन्य खाद्य पदार्थों की महंगाई को लेकर हाय-तौबा मची है. घर-परिवारों का बजट बिगड़ गया है. लोग मंहगाई को कोस रहे हैं. जिला प्रशासन भी महंगाई को रोकने में जुटा हुआ है. बावजूद इसके ग्राहक खुलेआम ठगे जा रहे हैं. एक किलो दाल के पीछे खुदरा विक्रेता 40 रुपये की मुनाफाखोरी ले रहे हैं.

मंडी में जहां अरहर दाल की कीमत 140 रुपये प्रति किलो हैं. वहीं फुटकर विक्रेता एक किलो दाल की कीमत 170 से 180 रुपये वसूल रहे हैं. दिक्कत यह है कि मंडी में कम से कम पांच किलो दाल लेने पर

यह दाम मिलेगा. नतीजा फुटकर विक्रेता इस मजबूरी का फायदा उठाते हुए खुलेआम ठगी में जुटे हुए है. दाल के अलावा चीनी, आटा, सरसों के तेल की खरीद में भी ग्राहक ठगे जा रहे हैं.