पुलिस के रडार पर हैं ”शातिराना” ग्रुप

आप व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं तो सतर्क हो जायें. व्हाट्सएप पर अपरिचित ग्रुप में कतई शामिल नहीं हों. नहीं तो ऐसे अपरिचित ग्रुप की गतिविधियां आपको मुश्किल में डाल सकती हैं. कारण है कि पुलिस ने शहर के ऐसे दर्जन भर शातिराना व्हाट्सएप ग्रुप को अपने रडार पर रख उनके एडमिन व सदस्यों के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 10, 2016 6:49 AM

आप व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं तो सतर्क हो जायें. व्हाट्सएप पर अपरिचित ग्रुप में कतई शामिल नहीं हों. नहीं तो ऐसे अपरिचित ग्रुप की गतिविधियां आपको मुश्किल में डाल सकती हैं. कारण है कि पुलिस ने शहर के ऐसे दर्जन भर शातिराना व्हाट्सएप ग्रुप को अपने रडार पर रख उनके एडमिन व सदस्यों के बारे में खोज-खबर लेनी शुरू कर दी है.

बेतिया : स्मार्ट फोन के जरिये व्हाट्सएप अब ‘स्मार्ट’ क्रिमिनल्स के हाथों में पहुंच चुका है. शातिर इस व्हाट्सएप पर ग्रुप बनाकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं. मास्टरमाइंड इसके ग्रुप एडमिन बन रहे हैं. इसका खुलासा हाल ही में साइबर क्राइम व बाइक चोरी में पुलिस के हत्थे चढ़े शातिर इंजीनियरिंग के छात्रों ने की है.
खुलासे के बाद से पुलिस सतर्क हो गयी है. साइबर सेल ने शहर के करीब दर्जन भर व्हाट्सएप ग्रुप चिह्नित कर लिये हैं, जो सेल के रडार पर हैं. व्हाट्सएप हाईटेक टेक्नालॉजी होने के नाते पुलिस इसे सर्विलांस पर नहीं रख पा रही है.
लिहाजा चिह्नित ऐसे ग्रुपों के एडमिन व सदस्यों पर पुलिस ने निगरानी रखनी शुरू कर दी है. सूत्रों के मुताबिक, पुलिस की कोशिश है कि इन ग्रुप के कम से कम एक सदस्य को अपने भरोसे में लेकर इन व्हाट्सएप ग्रुप पर अपराध से जुड़े आने वाले मैसेज को जान सकें. ताकि क्राइम होने से पहले ही क्रिमिनल सलाखों के भीतर पहुंच जाये. पुलिस को सूचना देने वाले इन ग्रुपों के ऐसे मेंबर को पुलिस हाईटेक मुखबिर के तौर पर प्रयोग करने में जुट गयी है. व्हाट्सएप के अलावे फेसबुक, लाइन, वी चैट, हाइक पर आपराधिक गतिविधियां पुलिस के रडार पर हैं.
नये गैंग में बढ़ा स्मार्टफोन का क्रेज
खुलासे के मुताबिक अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले नये गैंग में स्मार्टफोन का क्रेज बढ़ा है. इनकी अंगुलियां व्हाट्सएप के स्क्रीन पर तेजी से चल रही है. हाल ही में गिरफ्तार हुए अपराधियों के पास से महंगे स्मार्ट फोन बरामद किये गये हैं.
इनके मोबाइल में मिला व्हाट्सएप ग्रुप
एटीएम हैक कर ऑनलाइन शापिंग करने में माहिर इंजीनियरिंग छात्रों के पास से मिले मोबाइल में व्हाट्सएप गु्रप मिले हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ग्रुप पर चैटिंग की मदद से यह इस वारदात को अंजाम देते थे. इसके अलावे बाइक चोरी के आरोप में गिरफ्तार इंटरमीडिएट छात्र राजन कुमार, संजय पासवान समेत अन्य व्हाट्सएप पर सक्रिय थे.