दुकान खुलने को ले दो गुटों में बंटे लोग

इलमराम चौक पर सरकारी शराब दुकान खुलने को लेकर दो गुटों में लोग बंट गये हैं. एक गुट जहां दुकान खोलने के पक्ष में है. इनका तर्क है कि यहां विगत कई सालों से दुकान चलती आ रही है. वहीं दूसरा गुट दुकान नहीं खुलने का समर्थन कर रहा है. विरोध प्रदर्शन को खत्म करने […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 5, 2016 6:27 AM

इलमराम चौक पर सरकारी शराब दुकान खुलने को लेकर दो गुटों में लोग बंट गये हैं. एक गुट जहां दुकान खोलने के पक्ष में है. इनका तर्क है कि यहां विगत कई सालों से दुकान चलती आ रही है. वहीं दूसरा गुट दुकान नहीं खुलने का समर्थन कर रहा है. विरोध प्रदर्शन को खत्म करने पहुंचे एएसपी अभियान राजेश कुमार, उत्पाद अधीक्षक राकेश कुमार, एसडीएम सुनील कुमार आदि पदाधिकारियों के सामने दोनों गुटों ने अपनी-अपनी बात रखी.

शहर में 12 जगहों पर विदेशी मदिरा की दुकान खोलने के लिए उत्पाद विभाग का सर्च अभियान चल रहा है. स्टेशन चौक पर दुकान खुलने के बाद अब ईलमराम में दुकान खोलने की तैयारी ही थी कि मुहल्ले के विरोध में आ गये.
बेतिया :शहर के इलमराम चौक पर विदेशी शराब की दुकान खुलने की प्रक्रिया अभी शुरू हीं हुई थी कि स्थानीय लोग सोमवार को सड़क पर उतर कर दुकान खुलने का विरोध करने लगे. चौक पर बांस-बल्ला लगा कर सड़क को जाम कर दिया व बीच सड़क पर महिला-पुरूष बैठ गये.
जिसके कारण मित्रा चौक, अस्पताल रोड़ व इंदिरा चौक की ओर आने-जाने वाली सड़क जाम रही. जाम के कारण सबसे ज्यादा अस्पताल में इलाज कराने जा रहे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी. सड़क पर उतरे महिला-पुरुषों ने प्रशासन पर जमकर भड़ास उतारा. आक्रोशित लोगों को आरोप था कि शराब दुकान खुल जाने से चौक पर असमाजिक तत्वों का अड्डा बन जायेगा. आने-जाने वाले राहगीरों के साथ-साथ स्थानीय लोग भी उनके उत्पात से तंग रहेंगे.
सबसे ज्यादा परेशानी महिला व युवतियों को उठाना पड़ेगा. साथ हीं लोगों का यह भी कहना था कि जहां दुकान खोली जा रही है, उससे महज 100 लीटर से कम दूरी पर मंदिर है. लोगों ने प्रशासन पर मंदिर के करीब दुकान खोलने का आरोप लगाया. खबर लिखे जाने तक इलमराम चौक पर सड़क जाम रहा. लेकिन जाम हटाने के लिए प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की गयी थी.
अन्य जगहों पर भी हो सकता है विरोध
विदेशी मदिरा की दुकानों का अन्य जगहों पर भी विरोध हो सकता है. स्थानीय लोग अपने मुहल्ले या इलाके में दुकान खोले जाने के पक्ष में नहीं है. लिहाजा विभाग को कड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है.