गाज गिरनी तय. मामला डीटीओ कार्यालय में सर्वर घोटाले का
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22 लाख के गबन मामले में फंसे बेतिया जिला परिवहन पदाधिकारी
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गाज गिरनी तय. मामला डीटीओ कार्यालय में सर्वर घोटाले का बेतिया : जिला परिवहन कार्यालय में 21 लाख 60 हजार के गबन के मामले में जिला परिवहन पदाधिकारी निरोज कुमार भगत बुरी तरह फंस गये है. इनके ऊपर प्रशासनिक गाज गिरनी तय माना जा रहा है. मामले में जांच टीम के प्रतिवेदन के आधार पर […]

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बेतिया : जिला परिवहन कार्यालय में 21 लाख 60 हजार के गबन के मामले में जिला परिवहन पदाधिकारी निरोज कुमार भगत बुरी तरह फंस गये है. इनके ऊपर प्रशासनिक गाज गिरनी तय माना जा रहा है. मामले में जांच टीम के प्रतिवेदन के आधार पर परिवहन विभाग ने जिला परिवहन पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है.
विभाग ने माना है कि जिला परिवहन पदाधिकारी के प्रशासनिक सक्षमता में चूक के कारण ही 22 लाख के राजस्व की हानि हुयी है. विभाग ने यह भी माना है कि डीटीओ का अपने कार्यालय पर प्रशासनिक नियंत्रण नही है और वे अपने कर्तव्य के प्रति लापरवाह रहे है. मिली जानकारी के अनुसार विभाग ने महालेखाकार के रिर्पोट के आधार पर जिला परिवहन कार्यालय में कम्प्यूटर सर्वर में गड़बड़ी करतेहुए सरकारी राजस्व की धांधली एवं टैक्स चोरी की जांच कराकर प्रतिवेदन देने का निर्देश परिवहन विभाग ने जिलाधिकारी को दिया था.
जिसके आधार पर जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता के नेतृत्व में जांच दल कागठन कर जांच कराया. जांच प्रतिवेदन भेजते हुए डीएम ने विशेषज्ञ टीम से पुन: जांच कराने का अनुरोध किया था।
परिवहन विभाग के विशेष सचिव ने कहा है कि विभाग द्वारा गठित जांच दल के द्वारा अपने जांच में यह पाया गया कि डे इण्ड कैस रिर्पोट, एडमीन, डीटीओ, डीलर, एमवीआई एवं यूजर पासवर्ड , सर्वर तथा क्लाइंट में छेड़छाड़ करने एवं कागजातों के रख रखाव में कमी पाये जाने के कारण राजस्व की क्षति हुयी है. इनमें से 11 लाख 26 हजार 259 रुपये बैकवार्ड फारवार्डिंग , 6लाख 43 हजार 614 रुपये बिलम्ब के लिए देय दंड शुल्क छोड़े जाने एवं 4500 3पया वाहन के रसीद को जमा नही किये जाने आदि के कारण कुल 21 लाख 60 हजार 86 रुपये का नुकसान हुआ है. जिसे गबन की श्रेणी में रखते हुए थाना में एक पूरक प्राथमिकी दर्ज कराने एवं जांच प्रतिवेदन में सम्मिलित सभी वाहन के वाहन मालिको को तत्काल नोटिस निर्गत करते हुए वाहन वार जांचोपरांत राशि जमा कराने निर्देश दिया गया था. लेकिन इसका अनुपालन नही किया गया. विशेष सचिव ने इन मामलो को डीटीओ की प्रशासनिक अक्षमता करार देते हुए अनशासनिक कार्रवाई के विरुद्ध स्पष्टीकरण की मांग की है.
जांच टीम के प्रतिवेदन के आधार पर िशकंजा
परिवहन विभाग ने डीडीओ से मांगा स्पष्टीकरण
संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं होने पर कार्रवाई तय
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