बुद्ध में सामाजिक दु:खों से बचने का सहज रास्ता

मंच पर उपस्थित अतिथि एवं महासम्मेलन में आये लोग .... लौरिया : विश्व बौद्ध संघ के कार्यकारी अध्यक्ष आरबी कौल ने कहा कि लौरिया सम्राट अशोक और तथागत महात्मा बुद्ध का पद चरण स्थान है. इसका उत्थान और विकास होना चाहिए. इससे लौरिया का विकास समेत चंपारण के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने कहा कि […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 14, 2016 6:01 AM

मंच पर उपस्थित अतिथि एवं महासम्मेलन में आये लोग .

लौरिया : विश्व बौद्ध संघ के कार्यकारी अध्यक्ष आरबी कौल ने कहा कि लौरिया सम्राट अशोक और तथागत महात्मा बुद्ध का पद चरण स्थान है. इसका उत्थान और विकास होना चाहिए. इससे लौरिया का विकास समेत चंपारण के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.
उन्होंने कहा कि इंसान बुद्ध को याद इसलिए करता है कि उनमें सामाजिक दु:खों से बचने का सहज रास्ता है. बुद्ध ने इंसान के दु:खों के पांच कारणों को बतायें हैं, उससे बचना चाहिए. श्री कौल लौरिया के प्रखंड कार्यालय परिसर में आयोजित बौद्ध धम्म महासम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे. इस सम्मेलन का आयोजन बुद्धा दृष्टि संस्थान एवं शंबुक जन कल्याण समिति योगापट्टी द्वारा किया गया था.
जिसका शुभारंभ श्री कौल के अलावा विशिष्ट अतिथि आइ आर एस, धम्म संस्कारक ऋषिकेश शरण, संपादक बुद्धशरण हंस एवं आयोजन समिति के अध्यक्ष सुभाष राम ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया. सर्वप्रथम विश्व शांति धम्म यात्रा निकाली गयी, जो प्रखंड कार्यालय परिसर से निकलकर नंदनगढ़ व अशोक स्त्तंभ परिसर की परिक्रमा व पूजा-अर्चना उपरांत वापस कार्यक्रम स्थल पर समाप्त हुई. विशिष्ट अतिथि ऋषिकेश शरण ने बुद्ध के शिक्षा पर बोलते हुए कहा कि किसी भी गलत काम को नहीं करना, उनका शरीर और वाणी से त्याग करना, सभी प्रकार के अच्छे कार्यों को करना,
अपने चित को हर तरह से निर्मल रखना यहीं उनके उपदेश हैं. वहीं विशिष्ट अतिथि बुद्ध शरण हंस ने कहा कि लौरिया धम्म भूमि है. धार्मिक, सामाजिक तथा आर्थिक विकास के लिए जरूरी है कि भारत सरकार और बिहार सरकार इसे बौद्ध सर्किट से जोड़े. यहां के विद्यालयों में पाली भाषा की पढ़ाई अनिवार्य रूप से होनी चाहिए.
इस अवसर पर सर्वसम्मति से लौरिया को बौद्ध सर्किट से जोड़ने और यहां के विकास संबंधी अन्य मांगों का एक प्रस्ताव पारित किया गया और सरकारों से इस पर शीघ्र कार्रवाई की मांग किया गया. महासम्मेलन के आगत अतिथियों को अंगवस्त्र व बुके देकर सम्मानित किया गया. मौके पर बच्चा दास, महावीर राम, उमेश राम, पन्ना देवी, मुन्ना कुमार भारती, शैलेश राम, भरत राम, हरिलाल राम, दिलीप कुमार, राजेन्द्र राम, कन्हैया राम, ईश्वर दयाल राम, दिनेश राम सहित हजारों की संख्या में पुरूष और महिलाओं की उपस्थिति रही.