Coronavirus in Bihar, Bihar Coronavirus Update: तमाम सावधानियों के बीच कोरोना बिहार (Bihar Me Corona) में एक बार फिर पांव पसारने लगा है. पिछले एक हफ्ते से कोरोना मरीजों के नए केस आने का सिलसिला तेज हो गया है. इसी बीच पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) के शिशु रोग विभाग में कार्यरत दो डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं. इन दोनों चिकित्सकों ने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ले ली थी.
मंगलवार की शाम उनकी कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने आने के बाद अस्पताल में हडंकप मच गया. विभाग के निक्कू व पिकू में भर्ती मरीजों को दूसरे अस्पतालों में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. अस्पताल के अधीक्षक सह शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ विनोद कुमार सिंह ने इसकी पुष्टि की. हालांकि, संक्रमित दोनों डॉक्टरों की स्थिति ठीक है.
अधीक्षक ने बताया कि विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर और पीजी के एक स्टूडेंट संक्रमित हो गये हैं. संक्रमित स्टूडेंट को अस्पताल में भर्ती किया गया है, जबकि डॉक्टर होम कोरेंटिन में हो गये हैं. संक्रमित स्टूडेंट नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (निक्कू) में कार्य कर रहे थे.
ऐसे में निक्कू व पिकू समेत विभाग में भर्ती लगभग 50 से अधिक बच्चों व नवजात को यहां से पीएमसीएच, एम्स व आइजीआइएमएस में भेजा गया है. इतना ही नहीं, विभाग में नये मरीजों की भर्ती बंद कर दी गयी है. विभाग को आज सैनिटाइज किया गया है.
पिछले 24 घंटे के दौरान बिहार के अलग-अलग जिलों में कोविड-19 के 111 नए संक्रमित मिले हैं, इसके साथ ही बिहार में मरीजों की संख्या बढ़कर 623 पहुंच गई है. इसमें सबसे अधिक मरीज राजधानी पटना में मिले हैं जिससे चिंता बढ़ गयी है. पटना में 50 बेगूसराय में 9, भागलपुर में 7, भोजपुर में 6, गोपालगंज और किशनगंज में तीन, रोहतास में चार नए केस मिले हैं. इससे पहले सोमवार को 90 और रविवार को 126 नए पॉजिटिव केस सामने आए थे. ये आंकड़े सरकार के साथ ही आम लोगों की भी चिंता बढ़ा रहे हैं, लेकिन फिर भी कुछ लोग सावधानी नहीं बरत रहे.
महानगरों के साथ-साथ जिले में कोरोना के आ रहे मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है. वैक्सीन के साथ-साथ जांच का दायरा भी बढ़ा दिया गया है. बिहार में बाहर से आने वाले यात्रियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. महानगरों में फैले वायरस का प्रकोप सूबे में न बढ़े, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने जीनोम सीक्वेंसिंग का निर्णय लिया है. इसके माध्यम से विभाग यह पता करेगा कि इस वायरस के चरित्र में कोई परिवर्तन तो नहीं हुआ है? अगर परिवर्तन मिलेगा, तो स्वास्थ्य विभाग भी उसके हिसाब से अपनी रणनीति बदलेगा.
Posted By: Utpal Kant