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मतदाता सूची में फर्जी तरीके से जोड़ दिया हजारों लोगों के नाम

अलग-अलग इपिक नंबर के साथ कई जगह नाम किया दर्जप्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरीJayant Chaudhary: क्या है ऑरवेलियन-1984, जिसका मंत्री जयंत चौधरी ने किया है जिक्रJustice Yashwant Varma Case: कैसे हटाए जा सकते हैं सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जज?Spies In Mauryan Dynasty : मौर्य काल से ही चल रही है ‘रेकी’ की परंपरा, आज […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 11, 2020 12:52 AM

अलग-अलग इपिक नंबर के साथ कई जगह नाम किया दर्ज

राजनीतिक दलों व प्रशासनिक महकमे में बढ़ी सरगर्मी
दरभंगा : शहरी विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में हजारों लोगों का नाम नाम फर्जी तरीके से जोड़ दिया गया है. एक-एक लोगों का नाम चार से पांच जगह अलग-अलग इपिक नंबर के साथ प्रकाशित किया गया है.
जानकारी के अनुसार जिनका नाम एक से अधिक जगह पर अंकित कर रखा गया है, वे सभी एक ही समुदाय से आते हैं. इसे लेकर राजनीतिक दलों के नेताओं व प्रशासन के बीच सरगर्मी तेज हो गयी है. मामले की नजाकत को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी 10 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची की जांच कराने का निर्णय लिया है.
नगर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में हजारों फर्जी नाम पाये जाने को लेकर अनुमान लगाया जा रहा है कि जिला के सभी 10 विधानसभा क्षेत्रों में यह संख्या कई हजार हो सकती है. इन फर्जी नामों को समय रहते मतदाता सूची से नहीं निकाला गया तो विधानसभा में इसका उपयोग कर चुनाव को प्रभावित किये जाने से इंकार नहीं किया जा सकता है.
एक-एक मतदाता के पास कई-कई वोटर आइडी कार्ड: आश्चर्य है कि ऐसे मतदाताओं के अलग-अलग वोटर आइडी कार्ड भी बने हैं. सभी कार्ड के नंबर अलग-अलग हैं. ऐसे वोटरों में कुछ के नाम एक ही बूथ पर दो से तीन बार दर्ज है, तो किसी के अलग-अलग बूथ पर. हैरानी की बात यह है कि वोटर लिस्ट में पिता के नाम के साथ वोटर का नाम व तस्वीर एक ही है, लेकिन आइडी कार्ड अलग-अलग नंबर से निर्गत है.
एक ही व्यक्ति का नाम एक ही मतदाता सूची में कई क्रमांक में दर्ज है. दूसरी तरफ बताया जाता है कि पिछली बार मतदान करने वाले सैकड़ों लोगों का नाम पुनरीक्षण के बाद सूची से गायब कर दिया गया है. शहरी विधानसभा क्षेत्र में यह मामला प्रकाश में आया है.

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