लैंडलाइन व नेट ठीक कराना बीएसएनएल में आसान नहीं
दरभंगा. अधिकारियों एवं कर्मियों की लापरवाही ने बीएसएनएल की कार्यपद्धति को ही चौपट कर दिया है. अधिकारियों व कर्मियों की लालफीताशाही से आजिज होकर जिले के गांवो ंसे लेकर शहर तक के उपभोक्ता लैंडलाइन सरेंडर कर दिये. कुछ नाममात्र उपभोक्ता जो लैंडलाइन से जुड़े हैं, उनके फोन खराब होने पर बार-बार मंडल अभियंता एवं उपमंडल […]
दरभंगा. अधिकारियों एवं कर्मियों की लापरवाही ने बीएसएनएल की कार्यपद्धति को ही चौपट कर दिया है. अधिकारियों व कर्मियों की लालफीताशाही से आजिज होकर जिले के गांवो ंसे लेकर शहर तक के उपभोक्ता लैंडलाइन सरेंडर कर दिये. कुछ नाममात्र उपभोक्ता जो लैंडलाइन से जुड़े हैं, उनके फोन खराब होने पर बार-बार मंडल अभियंता एवं उपमंडल अभियंता को फोन करने के बाद भी लाइन ठीक नहीं होता. लगभग यही स्थिति इंटरनेट सेवा की भी है. पांच दिनों से इंटरनेट खराब होने की जानकारी प्रतिदिन दिये जाने के बाद भी कोई अधिकारी नोटिस लेने को तैयार नहीं हैं. जीएम के मुजफ्फरपुर में रहने के कारण यहां अतिरिक्त एजीएम पदस्थापित हैं, लेकिन यहां वे महीना में कितने दिन रहते हैं यह जानकारी विभागीय अधिकारी-कर्मियों को भी नहीं रहती. इस बाबत जीएम के मोबाइल 9431201002 पर दर्जनों बार प्रयास के बाद मोबाइल से सिर्फ इतना ही सुनने को मिलता था-‘कॉल अग्रेसिव की जा रही है’ आखिर ऐसी स्थिति में बीएसएनएल को पटरी पर लाने की संचारमंत्री की जो घोषणा है, उसे यहां की टीम किसी भी रूप में क्रियान्वित नहीं होने देंगे.