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गरमी ने किया जीन मुश्किल, पेयजल का संकट गहराया

बिरौल. एक सप्ताह से लगातार पड़ रही भीषण गरमी ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है. लोगों का अपने घरों निकलना मुश्किल हो गया है. जरूरी कार्य होने पर भी लोग घर से निकलने के लिए कई सोचते हैं. गरमी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पंखा चलने के बावजूद लोगों […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 7, 2015 9:04 PM

बिरौल. एक सप्ताह से लगातार पड़ रही भीषण गरमी ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है. लोगों का अपने घरों निकलना मुश्किल हो गया है. जरूरी कार्य होने पर भी लोग घर से निकलने के लिए कई सोचते हैं. गरमी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पंखा चलने के बावजूद लोगों के शरीर पसीना छूटता रहता है. सुपौल बाजार के मो मंसूर ने बताया कि अधिक गरमी पड़ने से बच्चे के शरीर पर घाव निकल गये हैं. रात्रि में ठीक से घर के कोई सदस्य सो नहीं पाते हैं. उछटी निवासी अरविंद पंडित का कहना है कि डीहटोल के लगभग सभी के घरों में चापाकल से पानी निकलना बंद हो गया है. पानी लाने के लिए आधा किलोमीटर की दूरी तय कर इस चिलचिलाती धूप में जाना पड़ रहा है. किसान सलाहकार वीरेंद्र सहनी ने बताया कि गरमी के कारण पानी पीने के बाद भी गला सूखा ही महसूस होता है. मजबूरन बाजार से ठंडे पानी का मिनरल वाटर बोतल खरीद कर प्यास बूझाना पड़ता है.मालूम हो कि तापमान अधिक रहने के कारण पोखराम के डीह टोल एवं उछटी के डीहटोल में हर वर्ष चापाकल से पानी निकलना बंद हो जाता है. इधर जदयू प्रखंड अध्यक्ष कैलाश चौधरी ने बताया कि हर वर्ष इस मौसम में जनस्तर नीचे चला जाता है जिससे दर्जनों घरों के चापाकल सेेे पानी निकलना बंद हो जाता है. इस मामले में पीएचइडी विभाग को कई बार लिखा गया. इसकी शिकायत पूर्व विधायक मोहन चौधरी ने विभाग से की. इसमंे विभाग ने दो बोरिंग चापाकल गाड़ा.

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