कम बरसात से होती खरपतवारों की वृद्घि
खरपतवार पर इस प्रकार से नियंत्रण करें किसान: डा. अनुपमाफोटो फारवाडेड नाम से हैं.जाले: कम बरसात से खेतों में धान के साथ खरपतवार की ज्यादा वृद्घि हो जाती है. यह धान की अच्छी पैदावार के लिए बाधक है़ इस संबंध में चर्चा करते हुए स्थानीय कृषि विज्ञान केन्द्र के समन्वयक सह शस्य वैज्ञानिक डा़ अनुपमा […]
खरपतवार पर इस प्रकार से नियंत्रण करें किसान: डा. अनुपमाफोटो फारवाडेड नाम से हैं.जाले: कम बरसात से खेतों में धान के साथ खरपतवार की ज्यादा वृद्घि हो जाती है. यह धान की अच्छी पैदावार के लिए बाधक है़ इस संबंध में चर्चा करते हुए स्थानीय कृषि विज्ञान केन्द्र के समन्वयक सह शस्य वैज्ञानिक डा़ अनुपमा कुमारी कहती हैं कि पिछले दिनों हुई बारिश में जिन किसानों ने अपनी खेतों में एक -दो दिन पहले धान का पौधा लगाया है और उनके खेतों में दो सेमी. तक पानी है वे अपनी खेतों में पानी कम होने के बाद निकलने वाले खरपतवार पर नियंत्रण के लिए ब्यूटाक्लोर नामक दवा बालू में मिलाकर छीट दें़ ऐसा करने से प्रारम्भिक निकलने वाले खर पतवार पर नियंत्रण किया जा सकता है़ जिन किसानों ने धान रोपनी 20 से 25 दिन पहले कर ली है अथवा धान रोपनी के बीस से पच्चीस दिन बाद खेतों में निकलने वाले खरपतवार पर नियंत्रण के लिए बिसपायरी बैक नामक सौ ग्राम दवा दो सौ लीटर पानी में घोलकर स्प्रे करने से उन खरपतवार से छुटकारा मिल सकेगा़ डा़ अनुपमा बताती हैं कि इस प्रकार करने से किसानों को खेतों से अच्छी पैदावार की संभावना रहती है़