स्वास्थ्य सेवा को पटरी पर लाने का नहीं दिख रहा प्रयास

पीएचसी में एक पखवाड़ा से झूल रहा तालाचिकित्सक के अभाव में अनुमंडल अस्पताल में हो रही इलाज की खानापूरीबेनीपुर : आखिर क्या होगा बहेड़ा पीएचसी का और कैसे मिलेगी बेनीपुर वासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा, यह प्रश्न इन दिनों हर जुबान पर हुआ है. कारण ब्रिटिश जमाने के बहेड़ा पीएचसी में जहां विगत 14 दिनों […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 16, 2015 6:05 PM

पीएचसी में एक पखवाड़ा से झूल रहा तालाचिकित्सक के अभाव में अनुमंडल अस्पताल में हो रही इलाज की खानापूरीबेनीपुर : आखिर क्या होगा बहेड़ा पीएचसी का और कैसे मिलेगी बेनीपुर वासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा, यह प्रश्न इन दिनों हर जुबान पर हुआ है. कारण ब्रिटिश जमाने के बहेड़ा पीएचसी में जहां विगत 14 दिनों से ताला झूल रहा है, वहीं 75 शय्या वाले अति आधुनिक चिकित्सा सुविधा से लैस क्षेत्र वासियों को बेहतर चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने की सब्जबाग दिखाने वाले अनुमंडल अस्पताल खुद चिकित्सकों का मोहताज बना हुआ है. न जाने स्थानीय प्रशासन स्वास्थ्य महकमों को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि तक क्यों मौन हैं. ज्ञात हो कि विगत 3 जुलाई को स्थानीय लोगों द्वारा बहेड़ा पीएचसी के एक चिकित्सक की पीटाई के बाद से वहां के चिकित्सक एवं कर्मी कार्य का बहिष्कार किये हुए हैं. तो अनुमंडल में महीनों से प्रतिनियोजित चिकित्सक अपने अपने मूल अस्पताल में वापस चले गये. इसके बाद से अनुमंडल अस्पताल एवं पीएचसी का भव्य मकान ही बचा रह गया है जहां पीएचसी में ताला झूल रहा है. वहीं अनुमंडल अस्पताल में इलाज की महज खानापूरी हो रही है. इससे लोगों में आक्रोश गहराने लगा है. लोग अब कहने लगे हैं कि आखिर विभिन्न राजनीतिक दल के नेता और जनप्रतिनिधिगण कहां हैं. वैसे विगत 12 जुलाई को भाजपा सहकारिता मंच के जिलाध्यक्ष अवधेश झा ने अपने कार्यक र्त्ताओं के साथ बिहार सकरार के स्वास्थ्य मंत्री का पुतला जलाकर अपना विरोध जता दिया था. लेकिन प्रखंड प्रमुख, नगर परिषद के मुख्य पार्षद सहित स्थानीय विधायक सहित जनप्रतिनिधि इस दिशा में पहल क्यों नहीं कर रहें? आखिर ये लोग किस दिन का इंतजार कर रहे हैं.

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