परदेसी पूतों के आगमन से बढ़ी गांव की रौनक
परदेसी पूतों के आगमन से बढ़ी गांव की रौनक कमतौल. छठ मैया की पूजा-अर्चना को लेकर लोग तैयारी करने लगे हैं. मिट्टी लाकर चूल्हे बनाने, जलावन काटकर सुखाने सहित धान और गेंहू की कुटाई भी शुरू कर दी गई है़ पिछले वर्ष की तुलना में सामान की कीमत में काफी वृद्धि हुई है़ महंगाई बढ़ने […]
परदेसी पूतों के आगमन से बढ़ी गांव की रौनक कमतौल. छठ मैया की पूजा-अर्चना को लेकर लोग तैयारी करने लगे हैं. मिट्टी लाकर चूल्हे बनाने, जलावन काटकर सुखाने सहित धान और गेंहू की कुटाई भी शुरू कर दी गई है़ पिछले वर्ष की तुलना में सामान की कीमत में काफी वृद्धि हुई है़ महंगाई बढ़ने के बावजूद लोगों की आस्था में कोई कमी नहीं देखी जा रही है़ बाजार सभी प्रकार के पूजन सामग्री से सजकर तैयार है़ लोग खरीदारी भी करने लगे हैं. देर शाम तक बाजार में रोनक बनी रहती है़ वहीं छठ को लेकर परदेसी पूतों के आगमन होने से गांव का वातावरण भी देर रात तक गुलजार रहने लगा है़ जिन घरों के दरवाजे शाम होते ही बंद हो जाया करते थे, वहां देर शाम तक पड़ोसियों का जमघट लगा रहता है़