शहर के 84 घाटों पर छठी मैया के गूंजे गीत

दरभंगा : तालाबों का शहर कहे जाने वाले प्रमंडलीय मुख्यालय दरभंगा के दर्जनों छठ घाट श्रद्धालुओं के भीड़ से गुलजार रहे. जहां मंगलवार दोपहर से ही श्रद्धालुओं का वहां पहुंचना शुरू हो गया,... वहीं बुधवार की सुबह अर्घ अर्पण के साथ भक्त घाट से विदा हुये. इस दौरान सभी घाट जगमगाते रहे. शहर के 84 […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 19, 2015 3:08 AM

दरभंगा : तालाबों का शहर कहे जाने वाले प्रमंडलीय मुख्यालय दरभंगा के दर्जनों छठ घाट श्रद्धालुओं के भीड़ से गुलजार रहे. जहां मंगलवार दोपहर से ही श्रद्धालुओं का वहां पहुंचना शुरू हो गया,

वहीं बुधवार की सुबह अर्घ अर्पण के साथ भक्त घाट से विदा हुये. इस दौरान सभी घाट जगमगाते रहे. शहर के 84 घाटों पर इस वर्ष सार्वजनिक रूप से छठ पूजा का अर्घदान दिया गया.

बागमती नदी के किनारे दोनों ओर बने घाटों के साथ ही हराही, दिग्घी, गंगासागर, मिर्जा खां तालाब, लक्ष्मीसागर, मतरंजन पोखर, छट्ठी पोखर समेत दर्जनों तालाबों की छटा अलौकिक नजर आ रही थी. नये परिधानों में लिपटे श्रद्धालु घाटों पर पहुंचे. वहीं अपने पूजन स्थल के समीप ही बैठ गये.
इधर बच्चे इधर-उधर मस्ती करते रहे तो बड़े-बुजुर्ग एक-दूसरे से मेल-मुलाकात करते नजर आये. इधर गूंजते छठ मईया के गीत से वातावरण भक्तिमय बना रहा. सूप पर जलते दीये के साथ ही हाथी-कुड़वार पर रखे चौमुख दीप की टिमटिमाहट अलौकिक छटा बिखेर रही थी तो इस मौके पर बिजली-बत्ती से की गयी आकर्षक सजावट नयनाभिराम दृश्य उपस्थापित कर रहा था.
सबसे बेहतरीन सजावट दिग्घी तालाब के चंद्रधारी संग्रहालय की ओर के घाट का दिख रहा था. यहां बनी मूर्तियों के बीच की गयी साज-सज्जा अपूर्व दृश्य उपस्थित कर रहा था. दूसरे घाटों से भी भक्त यहां पूरी रात पहुंचते रहे. इसकी चर्चा होती रही.